हिमाचल मौसम विभाग का अलर्ट: 11 अगस्त तक गरज-चमक और भारी बारिश का पूर्वानुमान
समाधान भारत शिमला हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 6 अगस्त से 11 अगस्त 2026 तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से कांगड़ा, मंडी, चंबा, सिरमौर और बिलासपुर जिलों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और जलभराव का खतरा जताते हुए स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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मौसम विभाग के अनुसार 6 अगस्त को राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। 7 और 8 अगस्त को भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। वहीं 9, 10 और 11 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर व्यापक बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में भी लगातार बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
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लगातार हो रही बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, पहाड़ियों से मलबा गिरने और फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा नदियों, खड्डों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ने और दृश्यता कम होने से यातायात भी प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और खड्डों के पास जाने से परहेज करें तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। विभाग ने विशेष रूप से पर्यटकों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने और पहाड़ी क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
इसके अलावा 6 से 11 अगस्त के दौरान प्रदेश के निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने जिला प्रशासन को संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।विभाग ने यह भी कहा है कि 6 से 11 अगस्त के दौरान निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने जिला प्रशासन को संभावित आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं लोगों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों के किनारे जाने से बचें, मौसम की ताजा जानकारी पर लगातार नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी तरह की जनहानि और नुकसान से बचा जा सके।ऐसे मौसम में किसानों, बागवानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने पर्यटकों से विशेष रूप से अनुरोध किया है कि वे नदी-नालों, झरनों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें तथा यात्रा शुरू करने से पहले सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते सतर्कता बरतकर संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।



