Wednesday, August 12, 2026
Google search engine
HomeHimachal Pradeshराजगढ़ मकान हादसा: तीन मंजिला मकान गिरने से मां-बेटी की मौ*त, दो...

राजगढ़ मकान हादसा: तीन मंजिला मकान गिरने से मां-बेटी की मौ*त, दो मासूम घायल।

राजगढ़ मकान हादसा: तीन मंजिला मकान गिरने से मां-बेटी की मौत, दो मासूम घायल

समाधान भारत शिमला। सिरमौर जिले के राजगढ़ क्षेत्र में बुधवार दोपहर हुए राजगढ़ मकान हादसा ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया। ग्राम पंचायत दीदग के छिछड़ियाधार गांव में दोपहर करीब 12 बजे एक तीन मंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि मकान के अंदर मौजूद परिवार के चार सदस्य कुछ ही पलों में मलबे के नीचे दब गए। इस दर्दनाक घटना में मकान मालिक भीम सिंह की पत्नी निर्मला देवी और उनकी विवाहित बेटी पूजा की मौ*त हो गई, जबकि दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, राजगढ़ मकान हादसा उस समय हुआ जब परिवार के सदस्य मकान के अंदर मौजूद थे। अचानक तीन मंजिला भवन के गिरने से जोरदार आवाज हुई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग और स्थानीय युवा पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए युवाओं ने बिना किसी देरी के मलबा हटाने का काम शुरू किया।

स्थानीय युवाओं की तत्परता के कारण मलबे में दबे चारों लोगों को बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद सभी घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल राजगढ़ पहुंचाया गया। हालांकि चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद निर्मला देवी और उनकी बेटी पूजा को बचाया नहीं जा सका। उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।

राजगढ़ मकान हादसा: छिछड़ियाधार में तीन मंजिला मकान गिरने से मां-बेटी की मौ*त, दो मासूम घायल

करियर और स्किल डेवलपमेंट की भरोसेमंद पहचान!
शिमला में प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतरीन तैयारी के लिए Bright Career Academy Shimla और कंप्यूटर एवं आईटी प्रशिक्षण के लिए IICE Computer Education Shimla छात्रों की पहली पसंद बन रहे हैं।
अनुभवी फैकल्टी, आधुनिक शिक्षण पद्धति और उत्कृष्ट परिणामों के साथ दोनों संस्थान युवाओं को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

राजगढ़ मकान हादसा में मां-बेटी की मौ*त

इस राजगढ़ मकान हादसा में 60 वर्षीय निर्मला देवी, पत्नी भीम सिंह, और उनकी 32 वर्षीय विवाहित बेटी पूजा, पत्नी अमित राणा, की मौ*त हुई है। बताया जा रहा है कि पूजा इन दिनों अपने मायके छिछड़ियाधार आई हुई थी। मायके में परिवार के साथ समय बिताने आई पूजा के लिए यह दिन जिंदगी का सबसे दुखद दिन साबित हुआ।

हादसे में दोनों मासूम बच्चे भी मलबे में दब गए थे। स्थानीय युवाओं ने कड़ी मेहनत करके दोनों बच्चों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। डेढ़ वर्षीय ईरा की हालत गंभीर बताई गई, जिसके बाद उसे बेहतर उपचार के लिए सोलन रेफर किया गया। वहीं अबियाना का उपचार सिविल अस्पताल में जारी है। दोनों मासूमों के घायल होने से परिवार और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

बहू हादसे से महज दो मिनट पहले निकली थी बाहर

राजगढ़ मकान हादसा में एक बड़ा हादसा टलने की बात भी सामने आई है। परिवार की बहू घटना से महज दो मिनट पहले किसी काम से मकान से बाहर निकली थी। उसके बाहर निकलने के कुछ ही समय बाद पूरा तीन मंजिला मकान अचानक गिर गया। इस वजह से उसकी जान बच गई।

मकान मालिक भीम सिंह भी हादसे के समय घर में मौजूद नहीं थे। अगर वह और परिवार की बहू उस समय मकान के अंदर होते, तो हादसे में नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था। इस घटना ने ग्रामीणों को भी स्तब्ध कर दिया है कि आखिर अचानक एक पूरा तीन मंजिला मकान किस तरह भरभराकर गिर गया।

स्थानीय युवाओं ने शुरू किया राहत एवं बचाव कार्य

राजगढ़ मकान हादसा के बाद घटनास्थल पर कुछ समय के लिए चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मकान गिरने की सूचना मिलते ही ग्रामीण और स्थानीय युवा मौके पर पहुंचे। किसी औपचारिक राहत दल का इंतजार किए बिना युवाओं ने खुद मलबा हटाना शुरू कर दिया।

मलबा काफी भारी होने के बावजूद युवाओं ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने लगातार प्रयास करते हुए मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों की इस तत्परता ने राहत एवं बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एसडीएम ने घटनास्थल का किया निरीक्षण

राजगढ़ मकान हादसा की सूचना मिलने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हुआ। एसडीएम राजगढ़ राजकुमार ठाकुर ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हादसे से प्रभावित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने की बात कही।

प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे के समय मौसम साफ बताया जा रहा है। ऐसे में बिना किसी स्पष्ट मौसम संबंधी कारण के तीन मंजिला मकान का अचानक गिरना कई सवाल खड़े करता है। मकान की स्थिति, निर्माण और अन्य परिस्थितियों को लेकर जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारण सामने आ पाएंगे।

मृ*तकों के परिवार को फौरी आर्थिक सहायता

राजगढ़ मकान हादसा में प्रभावित परिवार को प्रशासन की ओर से तत्काल आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। तहसीलदार राजेंद्र शर्मा ने मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की फौरी राहत दी। वहीं सोलन रेफर की गई मासूम बच्ची के उपचार के लिए 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।

यह आर्थिक सहायता इस मुश्किल समय में परिवार के लिए प्रशासन की ओर से तत्काल मदद के रूप में दी गई है। हालांकि परिवार ने इस हादसे में अपने दो प्रिय सदस्यों को खो दिया है, जिसकी भरपाई किसी भी सहायता से संभव नहीं है।

यह भी पढ़े:-https://samadhaanbharat.com/heavhimachyrainfall-expectedcontinueaugust/

पूरे क्षेत्र में शो*क का माहौल

राजगढ़ मकान हादसा के बाद छिछड़ियाधार गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर है। एक ही परिवार में मां और बेटी की मौत से हर कोई गमगीन है। ग्रामीणों के लिए यह घटना बेहद पीड़ादायक है, क्योंकि कुछ ही समय पहले तक जिस घर में परिवार के लोग सामान्य जीवन जी रहे थे, वह अचानक मलबे के ढेर में बदल गया।

सबसे बड़ी चिंता अब घायल दोनों मासूमों को लेकर है। एक बच्ची को गंभीर हालत में सोलन रेफर किया गया है, जबकि दूसरे बच्चे का उपचार जारी है। परिवार और ग्रामीण उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

यह राजगढ़ मकान हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में भवनों की सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता और पुराने मकानों की समय-समय पर जांच की जरूरत को सामने लाता है। अचानक हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। प्रशासन द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और उम्मीद है कि जांच के बाद घटना की वास्तविक वजह सामने आएगी।

राजगढ़ मकान हादसा में दो लोगों की मौत और दो मासूमों के घायल होने की घटना ने परिवार को गहरा सदमा दिया है। एक पल में पूरा आशियाना मलबे में बदल गया और परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। फिलहाल प्रशासन राहत और जांच की प्रक्रिया में जुटा है, जबकि स्थानीय लोग प्रभावित परिवार के साथ खड़े हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
iice computer education

Most Popular

Recent Comments