Wednesday, August 12, 2026
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हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट, 14 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश; 18 अगस्त तक जारी रहेगा मानसून।

14 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, कांगड़ा-सिरमौर-बिलासपुर समेत कई जिलों में खतरा

समाधान भारत शिमला। हिमाचल में भारी बारिश- हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर अपना असर दिखाने वाला है। प्रदेश में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। खास तौर पर 14 अगस्त का दिन हिमाचल के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि इस दिन कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 13 अगस्त को प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 14 अगस्त को बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। इस दौरान कांगड़ा, सिरमौर और बिलासपुर सहित कई जिलों में मौसम का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। वहीं 15 अगस्त से 18 अगस्त तक भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

यानी अगले कुछ दिन हिमाचल प्रदेश के लिए मौसम के लिहाज से काफी अहम रहने वाले हैं। हिमाचल में भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा खिसकने की घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। वहीं निचले इलाकों में जलभराव और फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति भी बन सकती है।

हिमाचल में भारी बारिश के बीच 14 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, कांगड़ा-सिरमौर-बिलासपुर समेत कई जिलों पर नजर

जिला स्तर के पूर्वानुमान की बात करें तो कांगड़ा और सिरमौर में 14 अगस्त को एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कांगड़ा में 13 अगस्त को भी भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा 15 और 16 अगस्त को भी जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

सिरमौर जिले में 13 अगस्त से ही बारिश का असर बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने 14 अगस्त को यहां एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में जिले के संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

बिलासपुर की बात करें तो यहां भी 14 अगस्त को एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 15 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। मंडी, चंबा, शिमला और सोलन जिलों में भी आने वाले दिनों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

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बीते 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार सिरमौर के नौलाकुआं अवास में करीब 8 सेंटीमीटर बारिश हुई। जट्टन बैराज में 7 सेंटीमीटर और कांगड़ा के धर्मशाला में 6 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं पालमपुर और पांवटा साहिब में 5-5 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

बारिश का असर प्रदेश के तापमान पर भी देखने को मिला है। कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 7 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया गया। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।

अब बात करते हैं 14 अगस्त की। मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान में यह दिन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण नजर आ रहा है। मैदानी और निचले पर्वतीय क्षेत्रों के साथ मध्य पर्वतीय इलाकों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी 14 अगस्त को बारिश का असर ज्यादा रह सकता है। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इसके चलते ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जा रही है।

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हिमाचल में भारी बारिश का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं रह सकता। लगातार बारिश होने पर नदी-नालों का जलस्तर और बहाव बढ़ सकता है। संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, मलबा गिरने और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने से स्थानीय यातायात प्रभावित हो सकता है।

मौसम विभाग ने किन्नौर और लाहौल-स्पीति के लिए भी विशेष पूर्वानुमान जारी किया है। 12 से 18 अगस्त के बीच इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी कुछ जगहों पर आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

बारिश और तेज हवाओं का असर खेती और बागवानी पर भी पड़ सकता है। किसानों और बागवानों को स्थानीय मौसम की जानकारी लेते रहने की सलाह दी गई है। वहीं सड़क निर्माण, बाहरी कामकाज और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी मौसम का असर पड़ सकता है।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, खड्डों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें। भूस्खलन की आशंका वाले संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करें। वाहन चालकों को बारिश के दौरान गति कम रखने और सड़क की स्थिति को ध्यान में रखते हुए वाहन चलाने की सलाह दी गई है।

खास तौर पर पहाड़ी सड़कों पर सफर करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि लगातार बारिश के कारण सड़क पर फिसलन, मलबा और कम दृश्यता जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

कुल मिलाकर, हिमाचल में भारी बारिश का दौर अगले कई दिनों तक जारी रहने की संभावना है। 14 अगस्त को बारिश सबसे ज्यादा प्रभावी रह सकती है, जबकि 15 से 18 अगस्त तक भी कई स्थानों पर भारी बारिश का खतरा बना रहेगा। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक जोखिम लेने से बचने की जरूरत है।

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