समाधान भारत शिमला हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि अगले दो माह में 800 और पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती की जाएगी। यह भर्ती राज्य चयन आयोग के माध्यम से पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत की जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज डरोह में बुधवार को आयोजित रोजगार संकल्प मेले में इस जानकारी को साझा किया। इस अवसर पर उन्होंने नवनियुक्त 1253 कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और कहा कि अब युवाओं को उनकी मेहनत और योग्यता के आधार पर ही सरकारी नौकरी मिल रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा के समय शुरू हुए पेपर लीक और अन्य अनियमितताएं अब पूरी तरह समाप्त कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पुलिस बल की मजबूती और जवानों के कामकाज को सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार गंभीर कदम उठा रही है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए कि प्रतिष्ठित कंपनियों से उच्च गुणवत्ता के कपड़े उपलब्ध कराए जाएं और पुलिस कांस्टेबलों के यूनिफॉर्म भत्ते में वृद्धि पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने यह घोषणा भी की कि सभी भूतपूर्व सैनिकों को उनकी सेवा अवधि के अनुसार ऑनरेरी पदोन्नति दी जाएगी। 10 वर्ष की सेवा के बाद कांस्टेबल को ऑनरेरी हेड कांस्टेबल और 15 वर्ष की सेवा के बाद ऑनरेरी सहायक सब-इंस्पेक्टर बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल बनने के लिए बी-1 परीक्षा का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है, हालांकि उच्च न्यायालय में इस विषय में अंतरिम स्थगन लगा हुआ है। सरकार पूरे मामले में अपनी स्थिति मजबूती से रखेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे के खिलाफ भी शपथ दिलाई। पुलिस विभाग ने विभिन्न बचाव और सुरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन कर लोगों को जागरूक किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने चिट्टा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में चिट्टे में शामिल 12 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है और अन्य विभागों के कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और नशे के विरुद्ध अपनी लड़ाई पूरी ईमानदारी और कड़ाई से जारी रखेगी।
सीएम सुक्खू ने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध कराई जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता जांच और सैंपलिंग प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए हर मेडिकल कॉलेज में समर्पित सेल स्थापित की जाएगी। सरकार आवश्यक स्टाफ, प्रशिक्षण और उपकरण उपलब्ध कराएगी। प्रथम चरण में आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा में यह व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।
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उधर, मुख्यमंत्री ने उना में केंद्र सरकार के बजट और 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि इन प्रावधानों के कारण हिमाचल प्रदेश को अगले पांच वर्षों में करीब 50,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान हिमाचल का संवैधानिक अधिकार है, जो 1952 से प्राप्त हो रहा है। केंद्र सरकार की नई नीतियों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने भाजपा सांसदों और नेताओं से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर हिमाचल के अधिकारों के लिए एकजुट होकर केंद्र के समक्ष आवाज उठाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि भाजपा नेता चाहें तो वह उनके नेतृत्व में दिल्ली जाकर हिमाचल के हितों के लिए केंद्र सरकार के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने रोजगार संकल्प मेले में हिस्सा लेने वाले युवाओं से कहा कि मेहनत और प्रतिबद्धता से ही सफलता मिलती है और सरकारी नौकरी पाने के लिए किसी भी तरह के अनियमित तरीकों की जरूरत नहीं है। उन्होंने युवा वर्ग से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या नशे के खिलाफ कार्रवाई में प्रशासन का सहयोग करें। राज्य के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने भी इस अवसर पर सरकार की पहलों की सराहना की और कहा कि पुलिस विभाग युवाओं को प्रशिक्षित करने और उन्हें जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार कर रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और बचाव तकनीकों के माध्यम से अपने कर्मियों को तैयार कर रहा है, ताकि जनता को बेहतर सुरक्षा और सेवा दी जा सके। इस प्रकार हिमाचल प्रदेश में युवा रोजगार और पुलिस बल सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। आगामी दो माह में 800 और पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती, वर्दी भत्ते में सुधार और स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता नियंत्रण जैसे कदम प्रदेश की सुरक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।



