समाधान भारत शिमला। हिमाचल में मानसून इस समय सक्रिय बना हुआ है और प्रदेश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 14 से 20 अगस्त तक प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। खास तौर पर 14, 17 और 18 अगस्त को कुछ क्षेत्रों में बारिश ज्यादा प्रभावी रह सकती है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वाले पर्यटकों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग की ओर से 13 अगस्त को जारी बुलेटिन के अनुसार हिमाचल में मानसून अगले सात दिनों तक सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। बारिश के साथ भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव और तेज हवाओं जैसी स्थिति का खतरा भी बना रहेगा।
14 अगस्त को कई जिलों में बारिश का अलर्ट
14 अगस्त को ऊना और बिलासपुर जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भी एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के लिए 14 अगस्त को कोई विशेष भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि इन जिलों में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।
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हिमाचल में मानसून के सक्रिय रहने के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक मौसम बदल सकता है। कुछ क्षेत्रों में थोड़े समय में तेज बारिश होने से सड़क मार्ग प्रभावित होने की संभावना भी बनी रहती है। खासकर संवेदनशील पहाड़ी सड़कों पर सफर करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 अगस्त को एक बार फिर बारिश का जोर बढ़ सकता है। इन दोनों दिनों में ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर समेत कई जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा 15 और 16 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अगस्त को भी कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। यानी आने वाले पूरे सप्ताह हिमाचल में मानसून का असर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल सकता है।
बारिश के इस दौर में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना रहती है। इसलिए लोगों को नदी, नालों और अन्य जलस्रोतों के नजदीक जाने से बचने की सलाह दी गई है। अचानक पानी बढ़ने की स्थिति में परेशानी से बचने के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
बारिश के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान और बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है। 14 से 20 अगस्त तक निचले और मध्यम पहाड़ी क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
इस दौरान हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भी इसी अवधि के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और असुरक्षित स्थानों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। हिमाचल में मानसून के दौरान मौसम का अचानक बिगड़ना आम बात है, इसलिए किसी भी यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।
भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा खिसकने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। लगातार बारिश के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में सड़कें बंद होने और यातायात प्रभावित होने की संभावना भी रहती है।
निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। इसके साथ ही नदी-नालों और अन्य जलस्रोतों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मौसम विभाग ने लोगों को भूस्खलन, मलबा खिसकने और अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। नदी-नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा गया है।
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बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है। कई जगहों पर सड़क पर मलबा या पत्थर आने की स्थिति भी बन सकती है। इसके अलावा कम दृश्यता के कारण वाहन चलाना मुश्किल हो सकता है।
ऐसे में वाहन चालकों को गति सीमा का पालन करना चाहिए और मौसम खराब होने पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि किसी सड़क मार्ग पर भूस्खलन या पानी भरने की सूचना मिलती है तो उस रास्ते से जाने से बचना बेहतर होगा। हिमाचल में मानसून के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।
प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान भी कई स्थानों पर बारिश रिकॉर्ड की गई। धर्मशाला में 9 मिलीमीटर, धर्मशाला एडब्ल्यूएस में 6 मिलीमीटर, नैना देवी में 5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जोगिंदरनगर और नालागढ़ में 3-3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। वहीं बिलासपुर सदर और ब्राह्मणी में भी 3-3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
आने वाले दिनों में भी हिमाचल में मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। इसलिए लोगों को मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी अलर्ट पर लगातार नजर रखनी चाहिए। खासकर पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बारिश के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
कुल मिलाकर हिमाचल में मानसून का यह दौर अगले सात दिनों तक प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। 14, 17 और 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बारिश के साथ भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव और तेज हवाओं का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे में सुरक्षित रहना, मौसम की जानकारी लेते रहना और प्रशासन की सलाह का पालन करना ही सबसे बेहतर उपाय है।



