समाधान भारत शिमला। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर साइंस कॉलेज को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हमीरपुर में प्रदेश का पहला साइंस कॉलेज खोलने की घोषणा की है। हमीरपुर साइंस कॉलेज करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 80 कनाल भूमि चिन्हित की जा चुकी है, जबकि सरकार की ओर से 20 करोड़ रुपये की राशि भी जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर को प्रदेश की शिक्षा राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को हमीरपुर राजकीय महाविद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई नई परियोजनाओं की घोषणा की। इनमें हमीरपुर साइंस कॉलेज के अलावा एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय और एम्स स्तर के आयुर्वेदिक संस्थान की स्थापना भी शामिल है।
100 करोड़ की लागत से बनेगा साइंस कॉलेज
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद हमीरपुर साइंस कॉलेज जिले में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संस्थान के रूप में सामने आएगा। सरकार के अनुसार कॉलेज के निर्माण के लिए 80 कनाल भूमि पहले ही चिन्हित की जा चुकी है। परियोजना के लिए 20 करोड़ रुपये जारी किए जाने के बाद इसके आगे की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है। हमीरपुर साइंस कॉलेज की स्थापना से विज्ञान विषयों में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल सकेंगे। इससे हमीरपुर और आसपास के क्षेत्रों के छात्रों को अन्य शहरों की ओर जाने की जरूरत भी कम हो सकती है।
हमीरपुर को शिक्षा राजधानी बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा को पर्यटन राजधानी और हमीरपुर को शिक्षा राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर के विद्यार्थी शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है।
इसी दिशा में हमीरपुर साइंस कॉलेज को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शिक्षण संस्थानों की सुविधा उनके घर के आसपास मिलनी चाहिए। इससे उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।
156 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोलने का दावा
मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था, जबकि सरकार के अनुसार अब प्रदेश पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण विद्यार्थियों को घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से प्रदेश में 156 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं। इन स्कूलों के बाद विद्यार्थियों के नामांकन में करीब 24 हजार की वृद्धि होने का दावा किया गया। इनके संचालन और बुनियादी ढांचे के लिए 80 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
उच्च शिक्षा में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए भी सरकार नीति तैयार कर रही है। कॉलेजों में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए युक्तिकरण की प्रक्रिया पर भी काम करने की बात कही गई। ऐसे में हमीरपुर साइंस कॉलेज की स्थापना को प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय खोलने की घोषणा भी की। इसके अलावा 74 एकड़ भूमि पर एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान स्थापित करने की योजना की जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के बाद स्वास्थ्य सरकार की दूसरी बड़ी प्राथमिकता है। प्रदेश में बीमारियों की शुरुआती पहचान और बेहतर उपचार के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने रोबोटिक सर्जरी की सुविधा का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार रोबोटिक सर्जरी के लिए मरीज से 30 हजार रुपये लिए जा रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से 90 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।
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इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में अधिक सटीक जांच के लिए 3-टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित करने की बात भी कही गई। इससे प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देने का दावा किया गया।
भर्ती प्रक्रिया और रोजगार पर भी बात
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य चयन आयोग और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।
सुक्खू ने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एक भी भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है। उन्होंने पिछली भाजपा सरकार के दौरान सामने आए पुलिस भर्ती और कर्मचारी चयन आयोग से जुड़े प्रश्नपत्र लीक मामलों का उल्लेख भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग को भंग किया गया और भर्ती प्रश्नपत्र लीक मामलों में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। कई भर्तियों में अनिवार्य साक्षात्कार समाप्त कर मेरिट आधारित चयन व्यवस्था लागू करने की बात भी कही गई।
किशाऊ परियोजना पर सरकार का रुख स्पष्ट
मुख्यमंत्री ने 422 मेगावाट की किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस परियोजना को तभी आगे बढ़ाएगा, जब पड़ोसी राज्य सुप्रीम कोर्ट में शपथपत्र दाखिल कर बीबीएमबी के बकाया भुगतान में हिमाचल का हिस्सा देने की स्थिति स्पष्ट करेंगे।
मुख्यमंत्री के अनुसार वर्तमान सरकार के रुख के कारण हिमाचल को बिना वित्तीय निवेश किए करीब 600 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व मिलने की उम्मीद है। सरकार ने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए पड़ोसी राज्यों से संबंधित शर्त पूरी करने की मांग की है।
हमीरपुर में कई परियोजनाओं का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में शिक्षा, कृषि और सिंचाई क्षेत्र से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। कृषि उपनिदेशक कार्यालय परिसर में 8.64 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक एसआरटी लैब का उद्घाटन किया गया।
हमीरपुर डिग्री कॉलेज में 1.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सीबीटी लैब और 70 टैब वाली लाइब्रेरी का भी उद्घाटन किया गया। कॉलेज में छात्राओं के लिए करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आवास का शिलान्यास किया गया। जिला पुस्तकालय में किताबी कॉर्नर का भी उद्घाटन हुआ।
इसके अलावा फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना चरण-2 के तहत 3.05 करोड़ रुपये की लागत से तैयार विभिन्न उठाऊ सिंचाई योजनाओं का लोकार्पण किया गया। इन योजनाओं से करीब 320 किसान परिवारों को लाभ मिलने की बात कही गई। सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा में 5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हॉस्टल का भी वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया।
कुल मिलाकर हमीरपुर साइंस कॉलेज की घोषणा जिले के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत और 80 कनाल भूमि पर प्रस्तावित हमीरपुर साइंस कॉलेज से विज्ञान शिक्षा को नया आधार मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय और आयुर्वेदिक संस्थान की घोषणा से हमीरपुर में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई सुविधाओं का विस्तार होने की संभावना है। सरकार के अनुसार हमीरपुर साइंस कॉलेज समेत इन परियोजनाओं का उद्देश्य जिले को शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।



