समाधान भारत शिमला जिला कुल्लू सहित हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर से करवट ले ली है। भारी बारिश और बर्फबारी की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन कई अहम फैसले लिए हैं। कुल्लू उपमंडल के संवेदनशील और बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों में छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 13 स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं मनाली और बंजार उपमंडल में स्थिति को गंभीर मानते हुए सभी सरकारी और निजी स्कूलों में आज अवकाश घोषित कर दिया गया है। उप मंडल दंडाधिकारी कुल्लू ने जानकारी देते हुए बताया कि मौजूदा मौसम परिस्थितियों और आगामी पूर्वानुमान को देखते हुए पहाड़ी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आवागमन बेहद जोखिमपूर्ण हो सकता है। सड़कों पर फिसलन, भूस्खलन और बर्फ जमने के कारण छात्रों को स्कूल पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसी कारण यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है। उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस. रवीश ने सभी संबंधित विभागों—शिक्षा, लोक निर्माण, पुलिस और आपदा प्रबंधन—को निर्देश दिए हैं कि वे आपसी समन्वय से काम करें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई जिलों में अगले कुछ घंटों से लेकर पूरे दिन मौसम खराब बना रह सकता है। किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिससे हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। मैदानी और निचले क्षेत्रों में जहां बारिश की संभावना है, वहीं मध्य और उच्च पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी जारी की है कि कई स्थानों पर ओलावृष्टि हो सकती है और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है, जिसके चलते येलो अलर्ट लागू किया गया है। खराब मौसम के कारण बिजली आपूर्ति, संचार सेवाएं और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।
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प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें। आगामी दिनों के मौसम की बात करें तो 28 जनवरी को कुछ उच्च पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जबकि 29 जनवरी को मौसम के साफ रहने की संभावना है। हालांकि 30 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके प्रभाव से 30 और 31 जनवरी के साथ-साथ 2 फरवरी को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश-बर्फबारी होने के आसार हैं। वहीं 1 फरवरी को मध्य और उच्च पर्वतीय इलाकों में कई स्थानों पर बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। राज्य में लगातार बदलते मौसम के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। शिमला में न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि मनाली में यह 0.6 डिग्री और कल्पा में माइनस 1.2 डिग्री तक पहुंच गया। कुकुमसेरी में माइनस 2.9 और ताबो में माइनस 8.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, जिससे कड़ाके की ठंड का एहसास हो रहा है। अन्य कई शहरों और कस्बों में भी तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। लाहौल-स्पीति जिले के गोंदला में 22 सेंटीमीटर, कुकुमसेरी में 21.3 सेंटीमीटर, कोठी में 20 सेंटीमीटर और कोकसर में 19 सेंटीमीटर बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा हंसा, केलांग, कल्पा और सांगला जैसे इलाकों में भी बर्फबारी हुई है। वहीं निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में सलूणी, मनाली, तीसा, सेऊबाग, सराहन और रामपुर सहित कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के चलते प्रदेश के कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अब भी सैकड़ों सड़कें यातायात के लिए बंद पड़ी हैं और कई बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्गम क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रशासन द्वारा सड़कों को बहाल करने और बिजली आपूर्ति को सुचारू करने के प्रयास लगातार जारी हैं। मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें और आपात स्थिति में प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क करें। आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।



