समाधान भारत शिमला हिमाचल प्रदेश में नए साल की शुरुआत मौसम की खुशखबरी के साथ हुई है। वीरवार को प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी ने लंबे समय से जारी सूखे जैसी परिस्थितियों को तोड़ दिया। खासकर पहाड़ी इलाकों में सीजन का पहला हिमपात दर्ज किया गया, जिसने किसानों, सैलानियों और आम लोगों के चेहरे पर राहत की मुस्कान ला दी। डलहौजी, त्रियुंड, शिकारी देवी, कमरुनाग और हिमानी चामुंडा में हिमपात के साथ ही राजधानी शिमला, कुफरी और नारकंडा में भी बर्फ के फाहे गिरे। वहीं, कुल्लू, हमीरपुर, सोलन, ऊना, मंडी, बिलासपुर और चंबा जिलों के कई क्षेत्रों में बारिश हुई, जिससे लंबे समय से फसलों और कृषि पर पड़ रही विपरीत परिस्थितियों में सुधार की उम्मीद जगी। शिमला में दोपहर के समय हल्की बूंदाबांदी भी हुई, हालांकि शिमला और मनाली में पर्याप्त बर्फबारी नहीं होने से सैलानी और स्थानीय लोग अभी भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। खराब मौसम के कारण कांगड़ा में हवाई उड़ानें भी प्रभावित हुईं, जिससे यात्री असुविधा का सामना कर रहे हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार से सात जनवरी तक हिमाचल प्रदेश में मौसम के साफ रहने का अनुमान जताया है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश का सिलसिला अभी भी जारी रह सकता है। नए साल पर सोलंगनाला, अटल टनल और धुंधी में हिमपात हुआ। कोकसर और अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल में सैलानियों ने बर्फ के बीच आनंद लिया और स्नो फोटोग्राफी का लुत्फ उठाया। धौलाधार की पहाड़ियों, त्रियुंड और हिमानी चामुंडा सहित पांगी की ऊपरी चोटियों जैसे हुड़ान भटोरी, सुराल भटोरी, संसार हिल, सचे जोत और भरमौर की ऊपरी चोटियों मणिमहेश, काली छौ और कुगती में भी बर्फबारी हुई। इसके अलावा डलहौजी, जोत, लक्कड़मंडी, चुराह के देवीकोठी, टेपा, बैरागढ़ व सलूणी के ऊपरी गांवों और लंगेरा में भी पहली बर्फबारी दर्ज की गई। किन्नौर जिले की कैलाश चोटियों पर भी बर्फबारी हुई। वहीं, ऊना जिले में सुबह करीब एक घंटे तक हल्की बारिश हुई।
बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। शिमला में अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस, धर्मशाला में 19 डिग्री, ऊना में 16.8 डिग्री, नाहन में 13.2 डिग्री, सोलन में 16 डिग्री और मनाली में 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम में आए इस बदलाव ने किसानों को लंबे समय बाद राहत दी है, क्योंकि बारिश और बर्फबारी से सूखी फसलों को संजीवनी मिली है। इसके साथ ही पर्यटन क्षेत्रों में सैलानियों को भी बर्फबारी का आनंद लेने का मौका मिला, हालांकि कुछ प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त बर्फ न गिरने से उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं। विशेष रूप से, रोहतांग और सोलंगनाला क्षेत्र में हिमपात ने सैलानियों को आकर्षित किया, जबकि मैदानी क्षेत्रों जैसे धर्मशाला और कांगड़ा में हल्की बारिश ने मौसम को ठंडा किया और वातावरण को और भी सुहावना बना दिया। मौसम में आए इस बदलाव ने पूरे प्रदेश में प्राकृतिक सौंदर्य को और बढ़ा दिया है और लोगों को लंबी गर्मी व सूखे के बाद सुकून का अहसास कराया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी के शुरुआती दिन बारिश और बर्फबारी से फसलों को होने वाले नुकसान की संभावना कम हुई है और किसानों को आने वाले दिनों में बेहतर पैदावार की उम्मीद है। इस तरह, नए साल के पहले दिन हिमाचल प्रदेश को प्राकृतिक उपहार के रूप में बारिश और बर्फबारी मिली, जिसने प्रदेशवासियों और सैलानियों दोनों के लिए खुशियों का माहौल बना दिया।



