समाधान भारत:-हिमाचल प्रदेश सरकार ने दैनिक वेतन आधार पर काम करने वाले हजारों चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए इन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के तहत शामिल कर दिया है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के सुरेंद्र सिंह केस के आधार पर लिया गया है, जिससे अब लंबी अवधि तक दैनिक वेतन पर सेवा देने वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन का रास्ता साफ हो गया है। वित्त विभाग ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों को आदेश जारी कर दिए हैं और 14 फरवरी 2019 की अधिसूचना में संशोधन कर दिया गया है। नए आदेशों के अनुसार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दैनिक वेतन अवधि का लाभ पेंशन योग्य सेवा में जोड़ा जाएगा। इसके तहत पांच वर्ष की दैनिक वेतन सेवा को एक वर्ष क्वालीफाइंग सर्विस माना जाएगा, हालांकि अधिकतम दो वर्ष का लाभ ही दिया जाएगा। यह लाभ उन सभी कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी सेवाएं नियमितीकरण नीति के तहत नियमित की गई थीं। पेंशन तभी मिलेगी जब नियमित सेवा और दैनिक वेतन सेवा से मिलने वाला कुल लाभ 10 वर्ष पूरे करेगा।
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विशेष रूप से, वे कर्मचारी जिन्हें 15 मई 2003 या उसके बाद नियमित किया गया था और जो पहले एनपीएस में शामिल थे, वे भी पेंशन के पात्र बन जाएंगे। इसके लिए उन्हें ओपीएस विकल्प चुनना होगा और सरकार के योगदान एवं लाभांश को सरकारी खजाने में जमा करवाना होगा। जिन कर्मचारियों ने अभी तक यह विकल्प नहीं चुना है, वे 60 दिन के भीतर अपना विकल्प दर्ज कर सकते हैं। पेंशन की प्रभावी तिथियों को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। 15 मई 2003 से पहले नियमित किए गए कर्मचारियों के लिए पेंशन 1 जनवरी 2018 से लागू होगी, जबकि 15 मई 2003 या उसके बाद नियमित हुए तथा एनपीएस में रहे कर्मचारियों को पेंशन का लाभ 1 अप्रैल 2023 से दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से वर्षों से लंबित मांग और असमानता का समाधान हो गया है, जिससे हजारों कर्मचारियों में खुशी की लहर है।



