समाधान भारत शिमला धर्मशाला कॉलेज से जुड़ी 19 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने धर्मशाला थाना में बीएनएस की धारा 75, 115(2), 3(5) तथा हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम 2009 की धारा 3 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक छात्रा के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी धर्मशाला कॉलेज में अध्ययनरत थी और पिछले वर्ष 18 सितंबर को उसी कॉलेज की तीन छात्राओं ने उसके साथ मारपीट की और उसे लगातार डराया-धमकाया। इसके साथ ही उन्होंने कॉलेज के एक प्रोफेसर पर भी छात्रा के साथ अश्लील हरकतें करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि इन घटनाओं के बाद छात्रा गहरे मानसिक तनाव और भय की स्थिति में चली गई थी, जिससे उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही। उन्होंने बताया कि बेटी का विभिन्न अस्पतालों में इलाज करवाया गया, लेकिन अंततः 26 दिसंबर 2025 को लुधियाना के एक अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का यह भी कहना है कि बेटी की गंभीर बीमारी और मानसिक सदमे की वजह से वे समय रहते पुलिस को शिकायत नहीं दे सके, हालांकि 20 दिसंबर को उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद सीएम हेल्पलाइन कार्यालय से मामला जांच के लिए धर्मशाला पुलिस थाना भेजा गया, जहां पुलिस ने कॉलेज पहुंचकर आरोपी छात्राओं और कॉलेज प्रशासन से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि छात्रा के पिता की शिकायत प्राप्त हो चुकी है और जिन छात्राओं तथा प्रोफेसर पर आरोप लगाए गए हैं, उनसे विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
यह भी पढ़े:-https://samadhaanbharat.com/important-decisionhighmarital-disputes-specialcourtproperty-matters/
दूसरी ओर, कॉलेज प्रिंसिपल राकेश पठानिया ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि छात्रा पिछले वर्ष प्रथम वर्ष में थी और परीक्षा में असफल हो गई थी। विवि के नियमों के अनुसार फेल छात्र को अगली कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जा सकता, जिसके कारण वह अवसाद में थी। प्रिंसिपल का यह भी कहना है कि कॉलेज प्रशासन को छात्रा या उसके परिजनों की ओर से कभी कोई लिखित या मौखिक शिकायत नहीं दी गई। वहीं इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने छात्रा की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है और पूरे प्रकरण में पुलिस की प्रारंभिक लापरवाही की बात सामने आ रही है, जो शर्मनाक है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है।



