समाधान भारत:-शिमला के संजौली में अवैध घोषित मस्जिद को लेकर विवाद एक बार फिर गरमाता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को मस्जिद में नमाज पढ़ने को रोके जाने के मामले में पुलिस ने चार महिलाओं सहित कुल छह लोगों पर मामला दर्ज किया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मस्जिद को अदालतें अवैध करार दे चुकी हैं, इसके बावजूद न बिजली-पानी काटा गया और न ही निर्माण हटाया गया, जबकि मस्जिद में लगातार नमाज अदा की जा रही है। FIR दर्ज किए जाने के खिलाफ स्थानीय लोग शनिवार से संजौली थाने के बाहर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि SHO ने बिना किसी शिकायत के अपने स्तर पर केस दर्ज किया है, जो पूरी तरह गलत है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि FIR वापस नहीं ली गई और प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले शुक्रवार को बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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शिमला के संजौली क्षेत्र में अवैध मस्जिद विवाद एक बार फिर तनाव का कारण बन गया है। शुक्रवार को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोकने की घटना के बाद पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। स्थानीय महिलाओं ने मस्जिद के निर्माण को अवैध बताते हुए नमाज का विरोध किया था और सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई थी। इसके बाद पुलिस ने दो महिलाओं सहित छह व्यक्तियों पर FIR दर्ज कर दी। FIR के विरोध में क्षेत्र के लोग संजौली थाना परिसर के बाहर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि संजौली स्थित मस्जिद को पहले एमसी कोर्ट और बाद में जिला अदालत ने भी अवैध घोषित कर तोड़ने के आदेश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद न तो बिजली-पानी कनेक्शन काटा गया और न ही आदेशों का पालन हुआ। लोगों का आरोप है कि SHO ने बिना किसी शिकायत के स्वयं के स्तर पर मामला दर्ज किया, जो गलत है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक FIR वापस नहीं ली जाती, अनशन जारी रहेगा। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि आने वाले शुक्रवार तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आंदोलन को और बड़े स्तर पर किया जाएगा।



