समाधान भारत शिमला हिमाचल प्रदेश में शीतलहर का असर लगातार तीखा होता जा रहा है, जिससे पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी जिलों तक जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रदेश में रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और अधिकतर क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के 12 स्थानों पर तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया, जबकि मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर, बरठीं, बिलासपुर, पालमपुर और नेरी जैसे इलाकों में शीतलहर की स्थिति दर्ज की गई। राजधानी शिमला में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से सुबह और शाम के समय ठिठुरन और अधिक बढ़ गई है। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में सबसे अधिक ठंड दर्ज की गई, जहां पारा गिरकर माइनस 10.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कड़ाके की ठंड के कारण कई स्थानों पर घरों की पानी की पाइपें जम गई हैं और जलापूर्ति प्रभावित हो रही है।
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किन्नौर और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं। वहीं मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर में घने कोहरे के चलते दृश्यता कम हो रही है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सुबह के समय सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 15 जनवरी तक मौसम साफ रहने की संभावना है, हालांकि मैदानी क्षेत्रों में 13 जनवरी तक सुबह और शाम के समय घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही 9 और 10 जनवरी को कुछ इलाकों में शीतलहर को लेकर भी चेतावनी दी गई है। बारिश और बर्फबारी न होने के कारण ठंड का असर और अधिक तीखा महसूस किया जा रहा है। उधर, सोलंगनाला, अटल टनल और कोकसर क्षेत्र में बर्फ देखने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं, जिससे इन पर्यटन स्थलों पर रौनक बनी हुई है।



