समाधान भारत शिमला हिमाचल प्रदेश की बर्फबारी से ढकी वादियों में सोमवार को शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन भव्य रूप से किया गया। समारोह की शुरुआत राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू समेत अन्य गणमान्य नेता और अधिकारी भी उपस्थित रहे। समारोह में विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिनमें प्रदेश की लोक संस्कृति और सरकारी विकास योजनाओं की झलक प्रस्तुत की गई। इस साल पहली बार रिज मैदान पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई, जिसने समारोह की भव्यता में चार चाँद लगा दिए। गणतंत्र दिवस के अवसर पर रिज मैदान पर परेड कमांडर लेफ्टिनेंट शाश्वत तिवारी जेएंडके राइफल के नेतृत्व में मार्च पास्ट हुई। इस परेड में प्रथम जेएंडके राइफल जतोग, भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस, सशस्त्र सीमा बल, पंजाब पुलिस, हिमाचल प्रदेश पुलिस की विभिन्न वाहिनियां, गृह रक्षक, यातायात पुलिस, NCC, राष्ट्रीय सेवा योजना, स्काउट और गाइड सहित कई सुरक्षा और नागरिक संगठन शामिल हुए। इसके साथ ही कृषि, उद्यान, वन, पर्यटन, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत बोर्ड जैसे विभागों ने भी झांकियों के माध्यम से अपने कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी।
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सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। जिले की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट मोड पर रहीं। शोघी और आसपास के मार्गों पर वाहनों की जांच की गई और होटल संचालकों को बिना पहचान पत्र के किसी को कमरे न देने की सख्त हिदायत दी गई। मुख्य अतिथियों और मंच पर उपस्थित अधिकारियों के लिए विशेष पास व्यवस्था लागू की गई, जिससे समारोह स्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। डीआईजी शिमला संजीव कुमार गांधी ने बताया कि पूरे आयोजन में सुरक्षा की दृष्टि से कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और परेड के साथ ही राज्य की लोक परंपराओं का भी समृद्ध प्रदर्शन हुआ, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंगारंग झांकियां, शस्त्र प्रदर्शन और पहली बार की गई हेलीकॉप्टर पुष्पवर्षा ने समारोह की गरिमा और भव्यता को और बढ़ा दिया। इस प्रकार, शिमला का रिज मैदान बर्फबारी के बीच गणतंत्र दिवस का केंद्र बन गया और प्रदेशवासियों ने देश के लोकतांत्रिक गौरव का उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया।



