समांधान भारत:-समग्र शिक्षा, हिमाचल प्रदेश द्वारा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN) के लिए आयोजित नियमित गतिविधियों के तहत 10 से 23 नवंबर 2025 तक राज्यभर में व्यापक चिकित्सा मूल्यांकन शिविरों का सफल आयोजन किया गया। इन शिविरों का उद्देश्य दिव्यांगताओं की समय पर पहचान, चिकित्सीय जांच और आवश्यक सहायक उपकरणों की अनुशंसा सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन ALIMCO के तकनीकी सहयोग से किया गया। इस राज्यव्यापी अभियान में सभी 12 जिलों ने सक्रिय भागीदारी दर्ज करवाई। शिविरों में गैर-PM SHRI विद्यालयों के 1404 और PM SHRI विद्यालयों के 146 विद्यार्थी शामिल हुए। विशेषज्ञ चिकित्सकों, तकनीकी विशेषज्ञों और फील्ड संसाधन कर्मियों ने मिलकर बच्चों का विस्तृत मूल्यांकन किया, जिसमें शारीरिक, बौद्धिक, ऑर्थोपेडिक, दृष्टि, श्रवण और अन्य विकासात्मक पहलुओं से संबंधित जांच शामिल थी।
शिविरों की खास विशेषता यह रही कि बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार मौके पर ही फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध करवाई गईं, जिससे कई छात्रों को तुरंत राहत और आवश्यक अभ्यास संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। अभिभावकों को भी घर पर किए जाने वाले उपायों, देखभाल और सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों के अनुसार शिविरों में चिन्हित जरूरतमंद बच्चों को समग्र शिक्षा द्वारा व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, श्रवण यंत्र, कैलिपर्स और अन्य सहायक तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी। इन शिविरों ने न केवल बच्चों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं की पहचान की, बल्कि स्कूलों और परिवारों को भी समावेशी शिक्षा और उपलब्ध संसाधनों के प्रति अधिक जागरूक बनाया। राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा ने बताया कि विभाग दिव्यांग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्यरत है। ऐसी पहलें प्रदेश में समावेशी शिक्षा को और मजबूत बनाते हुए दिव्यांग विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सीखने के समान अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।



