समाधान भारत शिमला:- मनाली-लेह सामरिक मार्ग पर अब जल्द ही यात्रा पहले से कहीं अधिक सुगम, सुरक्षित और तेज हो जाएगी। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के प्रोजेक्ट दीपक के तहत तैयार की गई चार महत्वपूर्ण परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं, जिनका उद्घाटन 7 दिसंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वर्चुअली करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य न सिर्फ सेना के भारी-भरकम वाहनों की आवाजाही को निर्बाध बनाना है, बल्कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए भी इस उच्च हिमालयी मार्ग पर यात्रा के अनुभव को बेहतर करना है। मनाली-लेह हाईवे देश के सबसे चुनौतीपूर्ण और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है, जहां मौसम की बदलती परिस्थितियाँ अक्सर यातायात को प्रभावित करती हैं। बीआरओ द्वारा विकसित की जा रही इन परियोजनाओं में आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्रियों का उपयोग किया गया है ताकि सड़क की स्थायित्व क्षमता बढ़े और खराब मौसम के दौरान भी रास्ता लंबे समय तक खुला रह सके। अधिकारियों के अनुसार, इन संरचनाओं के विकसित होने से सेना की रसद आपूर्ति और सैन्य उपकरणों की आवाजाही सुचारू रहेगी, जो लद्दाख जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
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इसके साथ ही, पर्यटकों को भी इन परियोजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक मनाली से लेह के बीच स्थित खूबसूरत पर्वतीय इलाकों का रुख करते हैं, लेकिन कई बार भूस्खलन, संकीर्ण मोड़ और मौसम की मार से उनकी यात्राएँ प्रभावित होती थीं। नई परियोजनाओं के चलते जहां सड़क मजबूत और चौड़ी होगी, वहीं सुरक्षा मानकों में भी सुधार होगा, जिससे दुर्घटना का खतरा कम होगा। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग उम्मीद जता रहे हैं कि बेहतर सड़क ढांचा क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। बीआरओ का कहना है कि भविष्य में भी सामरिक क्षेत्रों के विकास पर कार्य जारी रहेगा और मनाली-लेह मार्ग को और अधिक सक्षम बनाने के लिए नई परियोजनाएँ समय-समय पर शुरू की जाएँगी। वहीं, स्थानीय प्रशासन और सेना ने बीआरओ की इन परियोजनाओं की सराहना की है, क्योंकि इनसे सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा, विकास और संचार सुविधाओं को काफी मजबूती मिलेगी।



