समाधान भारत:शिमला| हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बघाट बैंक में जारी लोन घोटाले की जांच के दौरान लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। सहायक पंजीयक की अदालत में चल रही जांच में यह सामने आया है कि बैंक ने बिना किसी जांच-पड़ताल के करोड़ों रुपये के लोन जारी किए। सबसे बड़ा खुलासा सोलन शहर के कथेड़ क्षेत्र में हुआ, जहाँ पहले से ही गिरवी रखी गई जमीन पर फ्लैट निर्माण के लिए लगभग 1.50 करोड़ रुपये का लोन दे दिया गया। हैरानी की बात यह है कि फ्लैट बनने के बाद उन्हीं फ्लैटों को खरीदने के लिए दो व्यक्तियों को 40-40 लाख रुपये के अतिरिक्त लोन भी बैंक ने जारी कर दिए। स्थिति तब गंभीर हो गई जब फ्लैट की रजिस्ट्री का समय आया और पता चला कि जिस जमीन पर फ्लैट बनाए गए हैं, वह जमीन पहले से ही गिरवी थी। इसके बाद प्रशासन ने फ्लैटों की बिक्री पर रोक लगा दी। नतीजा यह हुआ कि न तो फ्लैट निर्माण के लिए लिया गया लोन वापस आया और न ही फ्लैट खरीदने के लिए दिया गया लोन।
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अब तक करीब 70 करोड़ रुपये के लोन की जांच की जा चुकी है, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार, ऐसे ही अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए भी बैंक द्वारा कई बिल्डरों को लोन जारी किए गए हैं और उनकी तफ्तीश अभी जारी है।इससे पहले भी बघाट बैंक में कई वित्तीय अनियमितताएं उजागर हो चुकी हैं, जिनमें लोन चुकाने के लिए नए लोन जारी करने जैसे मामले भी शामिल हैं। बैंक की पूर्व बीओडी द्वारा किए गए गलत आवंटनों का खामियाज़ा अब 77 हजार ग्राहकों को भुगतना पड़ रहा है। आरबीआई के सख्त निर्देशों के चलते ग्राहक छह महीने तक केवल 10 हजार रुपये ही निकाल पा रहे हैं। लोग बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है और बैंक प्रबंधन भी आरबीआई की सख्ती के आगे बेबस नजर आ रहा है।



