Thursday, February 19, 2026
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नववर्ष की शुरुआत में महंगाई का झटका: हिमाचल में सीमेंट-सरिया के दाम बढ़े, सरकार पर बरसे जयराम ठाकुर।

समाधान भारत शिमला हिमाचल प्रदेश में नए साल की शुरुआत में ही आम जनता को महंगाई का झटका लगा है। प्रदेश की प्रमुख सीमेंट कंपनियों ने मंगलवार से अपने उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं। इसके तहत एसीसी सुरक्षा सीमेंट का बैग 390 रुपये से बढ़कर 395 रुपये हो गया है, जबकि एसीसी गोल्ड सीमेंट अब 440 रुपये प्रति बैग में मिलेगा। अंबुजा सीमेंट के दाम 400 से बढ़कर 405 रुपये और अल्ट्राटेक सीमेंट का बैग भी अब करीब 400 रुपये में उपलब्ध होगा। इसी तरह, निर्माण सामग्री में इस्तेमाल होने वाले सरिए के दाम में भी करीब 500 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है और अब एक क्विंटल सरिया 6000 रुपये में मिलेगा। सीमेंट विक्रेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती उत्पादन लागत और परिवहन खर्च के चलते कंपनियां मजबूरन दाम बढ़ा रही हैं। एसीसी के विक्रेता पवन कुमार ने बताया कि कंपनी ने नए रेट तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए हैं। अंबुजा सीमेंट के विक्रेता रोहित कुमार ने कहा कि दाम बढ़ने से बाजार में ग्राहकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वहीं, अल्ट्राटेक सीमेंट के विक्रेता राकेश ने बताया कि नए रेट के कारण ग्राहकों को खरीदारी में योजना बदलनी पड़ रही है।

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सीमेंट और सरिया की बढ़ती कीमतों पर विपक्ष ने प्रदेश सरकार को घेरा है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश पहले से ही आपदा की मार झेल रहा है। हजारों परिवार अपने घरों और पशु शालाओं की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे में सीमेंट के दाम बढ़ना उनकी मुश्किलें और बढ़ा रहा है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा किए गए जनहितकारी कदमों, जैसे कि जीएसटी में कमी के माध्यम से आम लोगों को राहत देने का प्रयास, खत्म कर दिया और एडिशनल गुड्स टैक्स लगाकर सीमेंट की कीमतें फिर से बढ़ा दी हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह निर्णय आपदा प्रभावितों के साथ असंवेदनशीलता और अमानवीयता का परिचायक है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि आपदा प्रभावितों के पुनर्निर्माण कार्य को ध्यान में रखते हुए निर्माण सामग्री की कीमतों पर तुरंत नियंत्रण लगाया जाए, ताकि आम लोग अपने घरों के पुनर्निर्माण में आर्थिक रूप से परेशान न हों। इस बढ़ती महंगाई के बीच, निर्माण क्षेत्र और आम नागरिकों के लिए चुनौतीपूर्ण हालात बन गए हैं।

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