समाधान भारत शिमला हिमाचल प्रदेश में नशे के बढ़ते प्रचलन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर नशों के हॉटस्पॉट की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के तहत सोमवार को प्रदेश की 234 पंचायतों में नशा निवारण समितियों की बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों के माध्यम से नशा निवारण समितियों को पुनर्गठित कर उन्हें सक्रिय और प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है। पहले चरण में प्रदेश की 234 अत्यधिक नशा-प्रभावित पंचायतों को चिह्नित कर वहां समितियों की बैठकों का आयोजन किया गया। बैठकों में नशा तस्करी से संबंधित स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं की गहन समीक्षा की गई और पंचायतों में नशे की स्थिति का आकलन किया गया। इसके साथ ही नशों के खिलाफ जनजागरूकता अभियानों की रूपरेखा तैयार करने, स्कूलों व युवाओं को अभियान से जोड़ने और समाज की सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
समितियों ने नशा तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखने, संदिग्ध मामलों की सूचना तुरंत प्रशासन को देने और पुनर्वास व परामर्श जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की। इसके अतिरिक्त आगामी रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें पंचायत स्तर पर समन्वय, पुलिस और प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल तथा निरंतर निगरानी की व्यवस्था शामिल है। सरकार का लक्ष्य है कि पंचायतों को इस अभियान का मजबूत आधार बनाकर नशा मुक्त हिमाचल की दिशा में प्रभावी और स्थायी कदम उठाए जाएं।



