समाधान भारत शिमला हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के बाद हालात लगातार तीसरे दिन भी सामान्य नहीं हो पाए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में सड़क संपर्क पूरी तरह ठप है, जिससे हजारों पर्यटक और स्थानीय लोग विभिन्न इलाकों में फंसे हुए हैं। मनाली-लेह, आनी-कुल्लू और शिमला-रामपुर राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कुल 832 सड़कें बंद पड़ी हैं। बर्फबारी और खराब मौसम के चलते प्रदेश में करीब 1,942 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं, जिससे सैकड़ों गांवों और शहरी क्षेत्रों में ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही 245 पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हालात और भी गंभीर हैं, जहां रोहतांग दर्रा, लाहौल-स्पीति और मनाली की ऊंची चोटियों पर लगातार हिमपात हो रहा है। मौसम विभाग ने कुल्लू जिले में 2000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की संभावना जताई है, हालांकि खतरे का स्तर फिलहाल कम बताया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार सोमवार रात से एक बार फिर मौसम बिगड़ सकता है। 27 जनवरी को चंबा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। विभाग का अनुमान है कि 26 जनवरी की रात से 28 जनवरी की सुबह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी वर्षा और हिमपात हो सकता है। रविवार को शिमला और कांगड़ा जिले में धूप खिली रही, लेकिन शीतलहर का असर बरकरार रहा। कई पर्यटन स्थलों पर सैलानी बर्फ में फंसे अपने वाहनों को नहीं निकाल सके, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। शिमला से किन्नौर का संपर्क पूरी तरह कट गया, जबकि कुफरी मार्ग केवल फोर बाई फोर वाहनों के लिए ही खुल पाया। नारकंडा में पूरे दिन यातायात बंद रहा, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
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राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। मनाली-केलांग मार्ग को बीआरओ ने अटल टनल रोहतांग के रास्ते सिंगल लेन में बहाल कर दिया है, जिसके बाद केलांग, सिस्सू, जिस्पा और गोंधला में फंसे 200 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सिस्सू क्षेत्र से पर्यटकों को निकालने का अभियान रविवार को पूरे दिन चलता रहा। वहीं भरमौर में लापता युवक और किशोर की तलाश के लिए सेना के हेलीकॉप्टर और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं, हालांकि अब तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है। मंडी जिले में 500 से अधिक विद्युत ट्रांसफार्मर और 102 सड़कें अब भी बंद हैं, जबकि चंबा जिले में 78 सड़कें अवरुद्ध हैं और 240 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। इधर, प्रदेश में ठंड का प्रकोप भी चरम पर है। पांच जिलों में तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया। लाहौल-स्पीति के ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि कुकुमसेरी में माइनस 7.9 डिग्री, कल्पा में माइनस 4 डिग्री और मनाली में माइनस 1.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी शिमला में न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रहा। ताजा बर्फबारी के बाद पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ने से स्थिति और जटिल हो गई है। शिमला, कुल्लू-मनाली, चायल और कसौली में वाहनों की संख्या अचानक बढ़ने से कई स्थानों पर घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। राजधानी के कार्ट रोड पर सैलानियों और स्थानीय लोगों को चार से छह घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा। हालांकि पर्यटकों की बढ़ती संख्या से पर्यटन कारोबारियों में उत्साह है और आने वाले दिनों में भी प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की आमद जारी रहने की उम्मीद जताई जा रही है।



