समाधान भारत शिमला शिमला में तीन दिन तक आयोजित हुए हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 का समापन बड़ी धूमधाम के साथ हुआ। सोमवार दोपहर तक इस आयोजन में लगभग 30 लाख रुपये का कारोबार दर्ज किया गया, जो स्थानीय उत्पादकों और कारीगरों के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। फेस्ट में कुल्लू की शॉल, टोकरियां, पट्टू, हींग और हिमाचल के सेब सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए, जिन्हें उद्योगपतियों और खरीदारों ने जमकर सराहा। कई कंपनियों ने मौके पर ही ऑर्डर बुक किए, जिससे स्थानीय उत्पादकों को नए बाजार और पहचान दोनों प्राप्त हुई। इस आयोजन ने हिमाचल के हस्तशिल्प और स्थानीय उद्योगों को एक सशक्त मंच प्रदान किया। इस साल के फेस्ट में 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए थे, जिनमें पहली बार फैक्ट्री आउटलेट स्टॉल्स को विशेष रूप से शामिल किया गया। इन स्टॉल्स पर उपभोक्ताओं को नामी और भरोसेमंद ब्रांड्स के उत्पाद सीधे फैक्ट्री दरों पर, यानी बाजार मूल्य से कम कीमत पर उपलब्ध कराए गए। महोत्सव में हैंडलूम, लेदर उत्पाद, खाद्य सामग्री, वुड प्रोडक्ट्स सहित कई श्रेणियों के स्टॉल लगे, जिससे स्थानीय उत्पादों की विविधता और गुणवत्ता को सीधे जनता के सामने पेश किया जा सका। देश-विदेश से आए पर्यटकों ने भी इन स्टॉल्स पर जमकर खरीदारी की, जिससे हिमाचल प्रदेश के उत्पादों को नया बाजार और पहचान मिली।
महोत्सव ने स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और उत्पादकों को सीधे उपभोक्ताओं से संपर्क करने का अवसर प्रदान किया, जिससे उनकी उत्पाद क्षमता और विपणन कौशल को भी बढ़ावा मिला। इस आयोजन ने यह दिखाया कि छोटे और मझोले उद्यम राज्य की अर्थव्यवस्था में कितनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा, इस फेस्टिवल ने हिमाचल प्रदेश के पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा दिया क्योंकि पर्यटक स्थानीय उत्पादों और संस्कृति को अनुभव कर रहे थे। एमएसएमई समारोह के अंतिम दिन आयोजित समापन समारोह में अतिरिक्त निदेशक तिलकराज शर्मा और संयुक्त निदेशक अनिल ठाकुर रिज मैदान पहुंचे। उद्योग विभाग के निदेशक डॉ. यूनुस ने सभी उद्यमियों, सहभागियों और अधिकारियों को हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 की सफलता पर बधाई दी और कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल हिमाचल प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने में मदद करते हैं, बल्कि राज्य के छोटे और मध्यम उद्योगों को सशक्त बनाने और रोजगार के अवसर पैदा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस फेस्टिवल ने यह संदेश दिया कि हिमाचल प्रदेश के कारीगर और छोटे उद्यम वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना सकते हैं, बशर्ते उन्हें सही मंच और अवसर प्रदान किया जाए। आयोजन के दौरान उद्योग विभाग ने स्थानीय उत्पादों के लिए प्रचार और विपणन के नए आयाम भी खोजने की दिशा में कदम बढ़ाए। कुल मिलाकर, हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 न केवल कारोबार और आर्थिक दृष्टि से सफल रहा, बल्कि राज्य के कारीगरों और उद्यमियों के लिए आत्मविश्वास और प्रेरणा का स्रोत भी साबित हुआ।



