Friday, February 20, 2026
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मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान का विस्तार: 22 राज्यों को तैयारी के निर्देश।

समाधान भारत शिमला:- भारत निर्वाचन आयोग ने देशभर में मतदाता सूचियों को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान शुरू करने की घोषणा की है। आयोग के अनुसार अप्रैल माह से 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आरंभ की जाएगी। इसके लिए संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि अभियान सुचारु और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। आयोग ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। इसके तहत उन सभी पात्र नागरिकों के नाम जोड़े जाएंगे, जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है और जिनका नाम अब तक सूची में शामिल नहीं है। साथ ही मृत व्यक्तियों, एक से अधिक स्थानों पर दर्ज डुप्लिकेट नामों, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं और अन्य अयोग्य प्रविष्टियों को हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी। यदि किसी प्रकार की त्रुटि या गलत जानकारी पाई जाती है, तो उसे सुधारने का भी प्रावधान रहेगा।

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आयोग का मानना है कि स्वच्छ और विश्वसनीय मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला होती है। इसी उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि भविष्य में होने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में किसी प्रकार की अनियमितता या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। इससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी। सूत्रों के अनुसार कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर इसे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लागू किया जाएगा। आयोग द्वारा समय-समय पर प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी, ताकि अभियान तय समयसीमा के भीतर पूरा हो सके। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान नागरिकों से भी सहयोग की अपील की गई है। मतदाताओं को अपने विवरण की जांच करने, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने और किसी भी त्रुटि की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। आयोग ने यह भी आश्वस्त किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और कानून के दायरे में रहकर संचालित की जाएगी। इस व्यापक कवायद के माध्यम से चुनाव आयोग देश की लोकतांत्रिक प्रणाली को और अधिक मजबूत, विश्वसनीय और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।

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