समाधान भारत:-हिमाचल प्रदेश में लगातार दूसरे साल नवंबर में गंभीर सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। पूरे महीने प्रदेश में बारिश लगभग न के बराबर हुई है। इस वर्ष अब तक सामान्य से 90 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 99 फीसदी और वर्ष 2021 में 95 फीसदी कम बारिश हुई थी। लगातार दो वर्षों से बादल न बरसने के कारण राज्य में सूखे का दायरा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसका सीधा असर जल स्रोतों, कृषि, बागवानी और पेयजल व्यवस्था पर पड़ सकता है। बारिश न होने के बावजूद प्रदेश के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पश्चिमी विक्षोभों की कमी और शुष्क हवाओं के कारण तापमान लगातार नीचे जा रहा है। हालत यह है कि बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक प्रदेश के 25 स्थानों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी कम दर्ज किया गया। कुकुमसेरी, ताबो और केलांग में पारा माइनस में पहुंच गया है। सुंदरनगर में घना और बिलासपुर में मध्यम कोहरा छाया रहा।
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शिमला का न्यूनतम तापमान 8.6, सुंदरनगर 4.7, भुंतर 4.6, कल्पा 1.8, धर्मशाला 7.5, ऊना 8.4, नाहन 9.1, केलांग -1.1, पालमपुर 5.5, सोलन 6.2, मनाली 4.1, कांगड़ा 7.4, मंडी 8.3, बिलासपुर 10.5, हमीरपुर 9.1, जुब्बड़हट्टी 9.0, कुफरी 8.8, कुकुमसेरी -3.0, नारकंडा 6.1, भरमौर 9.0, रिकांगपिओ 4.0, सेऊबाग 3.0, बरठीं 9.1, कसाैली 10.7, सराहन 5.6, ताबो -2.6 और बजौरा में 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं दिन के तापमान की बात करें तो ऊना में अधिकतम तापमान 27.0, हमीरपुर में 26.3, नाहन में 26.6, सोलन में 24.0, कांगड़ा में 25.4, मंडी में 23.6, धर्मशाला में 22.0, शिमला में 18.8, मनाली में 17.6 और केलांग में 14.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। सूखे और ठंड का यह दोहरा प्रभाव प्रदेश में हालात को और चुनौतीपूर्ण बना रहा है।



