समाधान भारत शिमला:-हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राज्य की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं पर हाल ही में हुई बर्फबारी के बाद शनिवार सुबह से पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ बना हुआ है। हालांकि धूप खिलने के बावजूद ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मैदानी और कम ऊंचाई वाले कई क्षेत्रों में सुबह और देर रात घने कोहरे के चलते विजिबिलिटी कम होने की वजह से मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। कोहरे की वजह से स्थानीय लोगों और यात्रियों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है। उधर, राज्य में न्यूनतम तापमान में निरंतर गिरावट देखी जा रही है। हिमाचल के 15 स्थानों पर पारा 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। वहीं, तीन स्थानों—कुकुमसेरी, ताबो और कल्पा—में न्यूनतम तापमान शून्य से भी नीचे दर्ज किया गया, जिससे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड का माहौल बन गया है। लाहौल के सप्तधारा क्षेत्र में बर्फीली ठंड का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पाइपलाइन फटने के बाद पेड़ पर गिरा पानी बर्फ में तब्दील होकर जम गया है। यह नजारा ठंड की तीव्रता को साफ दर्शाता है।
यह भी पढ़े:-https://samadhaanbharat.com/major-improvementmanalifour-projectsproject-deepak-completed/
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए तापमान रिकॉर्ड भी मौसम की सख्ती को बयां करते हैं। शिमला में न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री, कल्पा -0.6 डिग्री, मनाली 1.1 डिग्री, धर्मशाला 6.0 डिग्री, सोलन 3.0 डिग्री, ऊना 5.9 डिग्री, कांगड़ा 4.4 डिग्री, जुब्बड़हट्टी 7.8 डिग्री, कुफरी 5.2 डिग्री, रिकांगपिओ 2.1 डिग्री और बजौरा 1.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। ठंड से बचाव के लिए लोग हीटर, अलाव और गर्म कपड़ों पर निर्भर हो रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन उसके बाद अगले तीन से चार दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है। वहीं अधिकतम तापमान में फिलहाल किसी खास बदलाव का अनुमान नहीं है। विभाग ने पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी है। लगातार गिरते तापमान के बीच लोग कड़ाके की ठंड का सामना कर रहे हैं और आने वाले दिनों में ठिठुरन और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।



