समाधान भारत शिमला केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राकेश अग्रवाल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का नया महानिदेशक नियुक्त कर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला लिया है। हिमाचल प्रदेश काडर के 1994 बैच के अधिकारी अग्रवाल वर्तमान में एनआईए में विशेष महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे और इसके साथ ही उन्होंने एनआईए के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रखा था। कार्मिक मंत्रालय से जारी आदेश के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उन्हें 31 अगस्त, 2028 तक एनआईए के महानिदेशक के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी है। यह नियुक्ति उसी तारीख तक मान्य होगी, जब वह सेवानिवृत्त हो जाएंगे। राकेश अग्रवाल का राष्ट्रीय जांच एजेंसी में लंबा अनुभव और आतंकवाद विरोधी मामलों में उनकी विशेषज्ञता उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार बनाती है। एनआईए में उनके योगदान को देखते हुए यह नियुक्ति एजेंसी के नेतृत्व को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अग्रवाल हिमाचल काडर के उन सीमित अधिकारियों में से हैं, जिन्होंने किसी राष्ट्रीय एजेंसी के सर्वोच्च पद तक अपनी पहचान बनाई है।
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इससे पहले हिमाचल से ही 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग गर्ग नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के महानिदेशक हैं, जो 23 मई, 2026 तक इस पद पर रहेंगे। इसी तरह, 1988 बैच के तपन कुमार डेका इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के प्रमुख हैं, जो जून में सेवानिवृत्त होंगे। इसके अलावा आईपीएस अधिकारी अश्वनी कुमार पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक रह चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि राकेश अग्रवाल की नियुक्ति से एनआईए को न केवल आतंकवाद और संगठित अपराध के मामलों में नेतृत्व मिलेगा, बल्कि एजेंसी की कार्यकुशलता और प्रभावशीलता में भी बढ़ोतरी होगी। उनके अनुभव और प्रशासनिक दक्षता से एनआईए की जांच प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। पुलिस और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि राकेश अग्रवाल की नियुक्ति से हिमाचल काडर के अधिकारियों की राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियों को भी नई पहचान मिली है। एनआईए और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों के लिए यह नियुक्ति प्रशासनिक मजबूती और सतत नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।



