समाधान भारत शिमला हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर राज्यवासियों और पर्यटकों के लिए गंभीरता का संदेश भेजा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ताज़ा जानकारी के अनुसार आठ फरवरी तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहेगा। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण नौ और दस फरवरी को राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और मध्य एवं मैदानी जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके मद्देनजर मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम की अनिश्चित परिस्थितियों का सबसे अधिक प्रभाव कुल्लू और लाहौल घाटियों में देखा गया। मंगलवार रात को इन इलाकों में बर्फबारी हुई, जिससे न्यूनतम तापमान में और गिरावट आई। अटल टनल रोहतांग और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमखंड गिरने की चेतावनी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने जारी की है। कुल्लू जिले में हाईवे-3 और हाईवे-305 पिछले दो सप्ताह से अवरुद्ध हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से इन मार्गों को बहाल करने और स्थानीय लोगों की आवाजाही सुचारू बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। मध्य पर्वतीय और मैदानी जिलों—ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर—में गुरुवार को सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। मौसम साफ होने के बावजूद इन जिलों में ठंडक बढ़ी हुई है। बुधवार को राजधानी शिमला, धर्मशाला, सोलन, ऊना और कांगड़ा में धूप खिली, जिससे जनजीवन सामान्य हुआ। इस दौरान ऊना में अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस, शिमला में 14.8, कल्पा में 9.2, धर्मशाला और सोलन में 20.0, नाहन में 19.3, मनाली में 11.0, कांगड़ा में 21.3 और मंडी में 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी दी है कि छह फरवरी को उच्च पर्वतीय इलाकों में बादल बरसने और हल्की बर्फबारी की संभावना है, इसलिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बर्फबारी और ठंडक ने प्रशासन को भी सक्रिय कर दिया है। कुल्लू और लाहौल में सड़क मार्ग खोलने, विद्युत आपूर्ति बहाल करने और फंसे यात्रियों की मदद करने के लिए विभागीय टीमें लगातार काम कर रही हैं। बिजली विभाग ने खराब ट्रांसफार्मरों को ठीक करने और विद्युत नेटवर्क को सुचारू करने के लिए हर संभव प्रयास किया है। इसके साथ ही पर्यटन पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी बढ़ा दी है। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे बिना गाइड के ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा न करें और ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम रखें।
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इस बीच मनाली में ठंड और मौसम की अनिश्चितता ने एक दुखद घटना को जन्म दिया। मुंबई की 39 वर्षीय महिला पर्यटक प्रियंका विष्णु दुखंडे, जो अपनी मौसी प्रनीता के साथ मनाली घूमने आई थीं, सोलंगनाला में ठंड लगने के कारण असामयिक रूप से चल बसीं। पुलिस के अनुसार, प्रियंका दो फरवरी को सोलंगनाला गई थीं। वहां से लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और फैमिली डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद उन्होंने आलूग्राउंड स्थित होटल में रहकर इलाज करवाया। मंगलवार को उनकी स्थिति गंभीर हो गई, और उन्हें मिशन अस्पताल मनाली ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डीएसपी केडी शर्मा ने बताया कि परिजनों को इसकी जानकारी दे दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट होंगे। इस घटना ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को यह चेतावनी दी है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम की गंभीरता को हल्के में नहीं लिया जा सकता। प्रदेश में मौसम की लगातार बदलती स्थिति ने प्रशासन और नागरिकों दोनों के लिए सतर्कता बढ़ा दी है। कुल्लू, लाहौल, चंबा और किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाके विशेष रूप से संवेदनशील माने जा रहे हैं, जहां बर्फबारी और हिमखंड गिरने की संभावना अधिक है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में यात्रियों के लिए चेतावनी जारी की है और गैर-जरूरी यात्रा से बचने के निर्देश दिए हैं। पर्यटन विभाग ने भी पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम अपडेट लगातार देखें और ऊंचाई वाले इलाकों में सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें। इस दौरान बुधवार को शिमला, मंडी, ऊना और कांगड़ा जैसे मैदानी जिलों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहा। धूप खिलने से कृषि गतिविधियों और दैनिक जीवन प्रभावित नहीं हुआ, लेकिन उच्च पर्वतीय इलाकों में रहने वाले लोग और पर्यटक मौसम की जानकारी पर नजर बनाए रखें। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने मौसम के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाए हैं। राज्य में मौसम की इस अनिश्चितता ने स्थानीय प्रशासन, बिजली विभाग, सड़क एवं आपदा प्रबंधन इकाइयों को सक्रिय कर दिया है। विभागीय टीमें लगातार सड़क मार्गों को खोलने, विद्युत आपूर्ति बहाल करने, और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हैं। पर्यटन पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई है ताकि किसी अप्रत्याशित दुर्घटना से बचा जा सके। वहीं, पर्यटकों से अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी समय-समय पर लेते रहें, येलो अलर्ट का पालन करें और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें। इस प्रकार हिमाचल प्रदेश में मौसम ने राज्यवासियों और पर्यटकों दोनों को सतर्क किया है। सात जिलों में कोहरे और उच्च इलाकों में बर्फबारी की संभावना के बीच प्रशासन लगातार अलर्ट पर है। मनाली में हुए पर्यटक हादसे ने यह संदेश दिया है कि ठंड और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। वहीं, प्रदेशवासियों के लिए यह चेतावनी भी है कि मौसम के बदलते स्वरूप के कारण दैनिक जीवन और पर्यटन गतिविधियों में सतर्कता बनाए रखें।



