समाधान भारत शिमला:- डिजिटल इंडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ ही साइबर अपराधियों ने ठगी के नए-नए रास्ते तलाश लिए हैं और अब सरकारी योजनाओं को ही अपने जाल का हथियार बना रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र के नलसूहा गांव में सामने आया ताजा मामला इस बात का उदाहरण है कि किस तरह एक मामूली-सा क्लिक किसी व्यक्ति की जीवन भर की जमापूंजी पर भारी पड़ सकता है। पीएम आवास योजना के नाम से भेजे गए एक फर्जी व्हाट्सएप लिंक पर क्लिक करते ही पीड़ित रविकांत का मोबाइल फोन पूरी तरह हैक हो गया, जिससे ठगों को उसके बैंक खाते तक पहुंच मिल गई। रविकांत के अनुसार, लिंक खोलने के तुरंत बाद उनके मोबाइल में असामान्य गतिविधियां शुरू हो गईं। खतरे को भांपते हुए उन्होंने बिना देर किए देहरा स्थित अपने निजी बैंक के अधिकारियों से संपर्क किया और फोन हैक होने की जानकारी देते हुए खाते को फ्रीज करने का आग्रह किया। पीड़ित का आरोप है कि बैंक को समय रहते सूचना देने के बावजूद खाते की सुरक्षा को लेकर अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए। इसी दौरान तकनीकी कारणों से सिम बंद हो जाने के कारण उन्हें बैंक से जुड़े लेनदेन के अलर्ट मैसेज भी नहीं मिल सके, जिसका फायदा उठाकर साइबर ठगों ने करीब सात लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़ दी और पूरी रकम निकाल ली। दो दिन बाद जब मोबाइल और सिम दोबारा सक्रिय हुए, तब रविकांत को मैसेज के माध्यम से पता चला कि उनकी एफडी ब्याज सहित तोड़ दी गई है। बैंक प्रबंधन से संपर्क करने पर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे नाराज होकर उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए एसपी देहरा कार्यालय और साइबर क्राइम सेल में लिखित शिकायत दर्ज करवाई। एसपी देहरा मयंक चौधरी ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और बैंक स्तर पर हुई संभावित लापरवाही की भी पड़ताल की जाएगी। इसी बीच सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र से भी ठगी का एक और मामला सामने आया है, जहां एटीएम कार्ड बदलकर एक व्यक्ति के खाते से 50 हजार रुपये की नकदी निकाल ली गई।
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गिरिपार क्षेत्र के ग्राम कांटी मशवा निवासी गुमान सिंह पैसे निकालने के लिए बद्रीपुर जामनीवाला के समीप स्थित एटीएम पहुंचे थे। इसी दौरान दो अज्ञात युवक उनके पास आए और मदद के बहाने पिन डालते समय नजर रखी। आरोप है कि दोनों ने चालाकी से एटीएम कार्ड बदल लिया और कुछ ही देर में खाते से 50 हजार रुपये निकालकर फरार हो गए। जब गुमान सिंह को ठगी का शक हुआ तो वह तुरंत बैंक पहुंचे और अपना बचत खाता बंद करवाने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन तब तक आरोपी नकदी निकाल चुके थे। मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस थाना पांवटा साहिब की टीम ने जांच शुरू कर दी है। एसपी एनएस नेगी ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने एक बार फिर साइबर और एटीएम ठगी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सरकारी योजना, लॉटरी या बिल माफी के नाम पर आने वाले व्हाट्सएप या एसएमएस लिंक पर क्लिक न करें। साथ ही एटीएम में लेनदेन के दौरान किसी अजनबी की मदद न लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत बैंक में लिखित शिकायत दर्ज करवाने के साथ-साथ साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करें, ताकि समय रहते नुकसान को रोका जा सके।



