समाधान भारत शिमला हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की नई पेंशन योजना (एनपीएस) को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है, और इस मुद्दे को लेकर राजकीय अध्यापक संघ ने केंद्र सरकार से लंबित राशि तुरंत जारी करने की मांग की है। शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में संघ के राज्य अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और महासचिव तिलक नायक ने बताया कि प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों द्वारा एनपीएस के तहत जमा की गई लगभग 12,000 करोड़ रुपये की राशि अभी भी केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित है। उन्होंने कहा कि यह राशि कर्मचारियों के भविष्य, उनकी सामाजिक सुरक्षा और विश्वास से सीधे जुड़ी हुई है, इसलिए इसे शीघ्र, संवेदनशील और सकारात्मक तरीके से जारी किया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) लागू किए जाने के बाद यह स्वाभाविक अपेक्षा है कि कर्मचारियों और राज्य सरकार के अंशदान से संबंधित इस राशि के विषय में केंद्र सरकार तुरंत स्पष्ट निर्णय ले। संघ के नेताओं ने कहा कि यह मामला किसी राजनीतिक विवाद या रुख से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह पूर्ण रूप से कर्मचारियों के हित, उनके भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से विनम्र आग्रह किया कि आपसी संवाद, सहयोग और सहमति के माध्यम से एनपीएस की लंबित राशि का शीघ्र समाधान निकाला जाए। इसके साथ ही संघ ने अन्य कई अहम मांगों को भी रखा। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों की दो वर्ष की सेवा पूरी हो चुकी है, उन्हें वर्ष में दो बार नियमित किया जाना चाहिए। हाल ही में पदोन्नत प्रधानाचार्यों को उनके स्टेशन पर शीघ्र आवंटन दिया जाए और प्रधानाचार्य पदोन्नति से वंचित रह गए पात्रों के लिए एक सप्लीमेंट्री सूची जारी की जाए।
यह भी पढ़े https://samadhaanbharat.com/childrens-fruit-jelly-fails-temisleading-products-being-solfruits/
इसके अलावा, कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस योजना के साथ मेडिकल अलाउंस को पुनः ओपन करने का विकल्प बहाल किया जाए, स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा ली जा रही लेट फीस और पेनल्टी को समाप्त किया जाए, और नया वेतन आयोग केंद्र सरकार की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में शीघ्र लागू किया जाए। वीरेंद्र चौहान और तिलक नायक ने कहा कि यह सभी मुद्दे कर्मचारियों के अधिकार, उनके भविष्य की सुरक्षा और सरकारी सेवा में विश्वास बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि संघ केंद्र और राज्य सरकारों के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखेगा ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके। उनका कहना था कि हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ को पूरा विश्वास है कि केंद्र और राज्य सरकारें इन विषयों को गंभीरता से लेंगी और कर्मचारियों के हित में न्यायसंगत, संवेदनशील और उचित निर्णय करेंगी। इस प्रेस वार्ता ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि संघ केवल कर्मचारियों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में काम कर रहा है और उसकी प्राथमिकता हमेशा कर्मचारियों के विश्वास और भविष्य की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।



