समाधान भारत शिमला हिमाचल पथ परिवहन निगम जल्द ही अपने बेड़े में नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने की तैयारी कर रहा है, जिससे प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को अधिक आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सके। सोमवार को ट्रायल के लिए पहली इलेक्ट्रिक बस सोलन पहुंची, जिसे आगामी दो दिनों में सोलन और शिमला की सड़कों पर परीक्षण के लिए चलाया जाएगा। इस बस का परिवहन ट्राले के माध्यम से सोलन तक किया गया। परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि ट्रायल सफल होने के बाद इसे अन्य डिपुओं में भी भेजा जाएगा ताकि पूरे प्रदेश में इलेक्ट्रिक बस सेवा को चरणबद्ध रूप से लागू किया जा सके। प्रदेश पथ परिवहन निगम के बेड़े में कुल 297 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। इन बसों की छत हरे रंग की है और साइड में सफेद और हरे रंग की पट्टिकाएं लगी हैं, जो पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती हैं। ट्रायल के दौरान बस शिमला की सड़कों पर लगभग 10 दिनों तक चलाई जाएगी, ताकि इसकी प्रदर्शन क्षमता, बैटरी क्षमता और सड़कों पर संचालन की दक्षता का पूरी तरह से परीक्षण किया जा सके। उसके बाद बस सोलन में परीक्षण के लिए वापस लाई जाएगी। परिवहन निगम के आरएम सोलन, सुरेंद्र राजपूत ने बताया कि सोलन में ट्रायल के लिए पहली इलेक्ट्रिक बस पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि शिमला में परीक्षण सफल होने के बाद इन बसों को अन्य परिवहन डिपुओं में भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इन बसों को शामिल करने का उद्देश्य न केवल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और सुरक्षित बनाना है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देना है।
यह भी पढ़े:- https://samadhaanbharat.com/him-msme-festconcludesshimla-with-a-grand-turnoverakh-and-mous/
विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसें पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में प्रदूषण कम करती हैं और दीर्घकाल में ईंधन लागत में भी कमी लाती हैं। हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी प्रदेश में जहां वायु गुणवत्ता और स्वच्छ परिवहन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, वहां इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बड़ी पहल साबित होगा। परिवहन विभाग का लक्ष्य है कि इन इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से नागरिकों को कम प्रदूषण, अधिक सुविधा और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली उपलब्ध कराई जा सके। आगामी महीनों में पूरे प्रदेश के विभिन्न डिपुओं में इन इलेक्ट्रिक बसों के परीक्षण और संचालन की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे हिमाचल प्रदेश में स्थायी और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का निर्माण संभव हो सके। यह पहल राज्य सरकार की हरित और स्मार्ट परिवहन नीति के अनुरूप है और भविष्य में हिमाचल प्रदेश को स्मार्ट और ग्रीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के मॉडल राज्यों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।



