समाधान भारत शिमला हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव को समय पर करवाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई का सिलसिला जारी है। सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में सरकार की ओर से इस मामले में जवाब दाखिल किया गया। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले सभी पक्ष अपने-अपने जवाब और प्रति उत्तर दाखिल करें। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी पक्षों को मौका दिया जाएगा ताकि याचिका में उठाए गए मुद्दों पर पूरी तरह विचार किया जा सके। जनहित याचिका में हाईकोर्ट से यह मांग की गई है कि पूरे प्रदेश में पंचायत चुनाव तय समय पर संपन्न कराए जाएं। याचिकाकर्ता का कहना है कि स्थानीय लोकतंत्र और पंचायतीराज व्यवस्था की मजबूती के लिए समयबद्ध चुनाव बेहद जरूरी हैं। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी या व्यवधान न हो।
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विशेषज्ञों का कहना है कि हाईकोर्ट की सुनवाई और निर्देश पंचायत चुनाव की समयसीमा को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। प्रशासन और सरकार द्वारा जवाब दाखिल करने के बाद अब यह देखना बाकी है कि कोर्ट किन पहलुओं पर ध्यान देती है और किस प्रकार से चुनाव के समय पर करवाने की दिशा में कदम उठाए जाते हैं। अगली सुनवाई 30 दिसंबर को निर्धारित की गई है और इस दौरान याचिकाकर्ता और सरकार दोनों पक्ष अपने तर्क प्रस्तुत करेंगे। इस मामले में राजनीतिक और सामाजिक संगठन भी ध्यान रख रहे हैं, क्योंकि पंचायत चुनाव केवल स्थानीय प्रशासन की नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लोकतंत्र के लिए अहम माने जाते हैं। जनता और राजनीतिक दलों की निगाहें अब हाईकोर्ट पर टिकी हैं कि कोर्ट किस तरह से चुनाव को समय पर संपन्न कराने के लिए निर्देश जारी करती है और क्या प्रशासन से इस संबंध में कड़ा कदम उठाने को कहा जाता है।



