समाधान भारत शिमला हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 48 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है। यूनियन ने निर्णय लिया है कि 25 दिसंबर की रात 8 बजे से 27 दिसंबर की रात 8 बजे तक कर्मचारी अपनी सेवाएं बंद रखेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन ने उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को नजरअंदाज किया है और केवल कंपनी के हित में काम किया जा रहा है। 108 एवं 102 कर्मचारी यूनियन के प्रधान सुनील कुमार और सचिव बालक राम के नेतृत्व में संजीव कुमार, बीरी सिंह, रामपाल, संदीप कुमार, रविंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार, भुवनेश कुमार और मनोज कुमार ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि प्रशासन उनके मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय ईएसएमए एक्ट 1972 लगाने की धमकी देकर उन्हें दबाने का प्रयास कर रहा है। कर्मचारी यूनियन ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें केवल वेतन और भत्तों तक सीमित नहीं हैं। वे बेहतर कार्य परिस्थितियों, आपातकालीन सेवाओं की सुचारू व्यवस्था, सुरक्षा और कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा चाहते हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से इन मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। यूनियन नेताओं का यह भी कहना है कि अगर प्रशासन ने गंभीरता से उनका मुद्दा नहीं सुना, तो भविष्य में और बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जा सकता है।
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हड़ताल के कारण प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं में व्यवधान आने की आशंका जताई जा रही है। इससे गंभीर मरीजों और आपात स्थितियों में समय पर मदद न मिल पाने की संभावना बढ़ सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल कर्मचारियों से बातचीत शुरू नहीं की है, और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो हड़ताल के असर से प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ सकता है और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों और मरीजों से अपील की जा रही है कि हड़ताल के दौरान वे आवश्यक सावधानी बरतें और केवल आपातकालीन स्थितियों में ही एंबुलेंस सेवाओं का उपयोग करें। इसके अलावा, यूनियन और प्रशासन के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है, और सभी की निगाहें अब इस पर टिकी हैं कि सरकार और कर्मचारियों के बीच कोई समाधान निकलता है या नहीं।



