समाधान भारत शिमला हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान के लिए पहली फ्यूनिकुलर ट्रॉली बनाने की बहुप्रतीक्षित योजना को आखिरकार राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। करीब दो वर्षों से लंबित इस परियोजना के लिए अब रास्ता साफ हो गया है और इसका निर्माण कार्य आगामी जनवरी माह से शुरू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि छह महीने के भीतर, यानी अगले वर्ष जून तक, इस परियोजना को पूरा कर लिया जाए ताकि आम जनता और पर्यटकों को इसका लाभ मिल सके। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बनने वाली इस फ्यूनिकुलर ट्रॉली पर करीब 3.60 करोड़ रुपये की लागत आएगी। परियोजना के अंतर्गत 58 मीटर लंबी ट्रॉली का निर्माण किया जाएगा, जो पहाड़ी ढलान पर सुरक्षित और सुविधाजनक आवाजाही सुनिश्चित करेगी। इस योजना को हिमाचल प्रदेश रोपवे कॉर्पोरेशन द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा, जो राज्य में रोपवे और वैकल्पिक परिवहन प्रणालियों के विकास में अनुभवी है।
प्रशासन के अनुसार फ्यूनिकुलर ट्रॉली के निर्माण से रिज मैदान तक पहुंच और अधिक आसान होगी, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग लोगों के लिए। इसके साथ ही शिमला आने वाले पर्यटकों को भी एक नया आकर्षण मिलेगा, जिससे शहर के पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना शिमला की विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक परिवहन सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी। सरकार का दावा है कि निर्माण कार्य के दौरान पर्यावरण और ऐतिहासिक स्वरूप का विशेष ध्यान रखा जाएगा। स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भी इस परियोजना से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। फ्यूनिकुलर ट्रॉली के शुरू होने के बाद शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान की पहचान को एक नई आधुनिक सुविधा के साथ और मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।



