समाधान भारत शिमला हिमाचल प्रदेश सरकार का चिट्टा विरोधी अभियान मंगलवार को एक बड़े पैमाने पर आयोजित मेगा वॉकथॉन के साथ और मजबूत हुआ। इस वॉकथॉन की अगुवाई खुद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने की, और इसमें सैकड़ों लोग शामिल होकर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। सुबह-सुबह मुख्यमंत्री सुक्खू बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल के ग्राउंड पहुंचे, जहां उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और वॉकथॉन का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले पुलिस के प्रसिद्ध आर्केस्ट्रा ‘हार्मनी ऑफ पाइन्स’ ने अपनी प्रस्तुति के जरिए माहौल को जीवंत बना दिया। इसकी धुनों ने प्रतिभागियों का उत्साह और जोश बढ़ाया, और सभी ने सामूहिक रूप से नशे के खिलाफ संदेश फैलाने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस अवसर पर कहा कि नशा न केवल व्यक्तिगत जीवन बल्कि पूरे समाज के लिए हानिकारक है। उन्होंने प्रतिभागियों से नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई और कहा कि युवा वर्ग को इस दिशा में जागरूक करना राज्य की प्राथमिकता है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस के प्रयासों की सराहना की, जो इस प्रकार के कार्यक्रमों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
वॉकथॉन के दौरान प्रतिभागियों ने शहर की मुख्य सड़कों पर चलकर नशा मुक्ति का संदेश फैलाया। कार्यक्रम में शामिल युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक सबने मिलकर एक मजबूत सामाजिक संदेश दिया। प्रशासन ने सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए पर्याप्त इंतजाम किए, ताकि सभी प्रतिभागी सुरक्षित रूप से कार्यक्रम में भाग ले सकें।विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम न केवल युवाओं को नशे से दूर रखने में मदद करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस अभियान को राज्यव्यापी स्तर पर चलाने का संकल्प लिया है, और यह मेगा वॉकथॉन इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम का समापन एक सकारात्मक और उत्साही माहौल के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने न केवल नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया, बल्कि समाज में बदलाव लाने और युवा पीढ़ी को सही दिशा देने के लिए एकजुट होने का संदेश भी दिया।



