समाधान भारत शिमला:-नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में फास्ट ट्रैक विशेष अदालत (पोक्सो) धर्मशाला ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी दंपती समेत तीन दोषियों को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है, जिसे समय पर अदा न करने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह फैसला फास्ट ट्रैक विशेष अदालत (पोक्सो) के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नितिन मित्तल ने सुनाया।
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अदालत ने अपने आदेश में राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि पीड़िता को एक लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि उसे न्याय के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी मिल सके। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि मुआवजे की राशि 30 दिनों के भीतर पीड़िता को अदा की जानी चाहिए। अदालत ने कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में कठोर सजा समाज में एक कड़ा संदेश देने के लिए आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।



