समाधान भारत शिमला छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध मंडी आज राजनीतिक उत्साह के रंग में रंग गया है। कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के मौके पर पड्डल मैदान में आयोजित जन संकल्प रैली में सुबह से ही भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। चंबा, कुल्लू, कांगड़ा, ऊना, सिरमौर, लाहौल–स्पीति और शिमला जैसे दूर-दराज़ जिलों से लोगों के काफिले पारंपरिक पहनावे में ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते मंडी पहुंचे, जिससे मैदान का माहौल एक बड़े सांस्कृतिक और राजनीतिक उत्सव में बदल गया। रैली स्थल पर सुबह का शांत माहौल कुछ ही घंटों में रंगीन और जोशीला हो उठा। अलग-अलग क्षेत्रों से आए समूह अपनी विशिष्ट वेशभूषा, नृत्य शैलियों और बोलियों के साथ हिमाचली संस्कृति की विविधता का प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि भीड़ का रेला जिस रफ़्तार से बढ़ रहा है, उससे अनुमान है कि कार्यक्रम शुरू होते-होते पूरा पंडाल भर जाएगा। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पुलिस व प्रशासन ने व्यापक बंदोबस्त किए हैं। पार्किंग से लेकर पेयजल, चिकित्सा सहायता और यातायात नियंत्रण तक हर पहलू पर विशेष प्रबंधन किया गया है, ताकि मंडी शहर में ट्रैफिक बाधित न हो। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मैदान को 18 ब्लॉकों में बांटा गया है और हजारों कुर्सियाँ लगाई गई हैं।
यह भी पढ़े:-https://samadhaanbharat.com/domestic-himachal-remain-stableeligible-consumers-subsidy/
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के 11 बजे पहुंचने की संभावना है। वे सरकार के तीन साल के कार्यों, उपलब्धियों और आने वाले समय की योजनाओं को जनता के सामने रखेंगे। सूत्रों के अनुसार, कुछ नई घोषणाएं भी की जा सकती हैं, जिन्हें लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। विधानसभा में मंडी जिला की 10 में से नौ सीटें भाजपा के पास होने के कारण यह रैली राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कांग्रेस बड़ी भीड़ दिखाकर विपक्ष को मजबूत संदेश देने की कोशिश में है। पारंपरिक नाटी ने रैली को पूरी तरह उत्सव में बदल दिया है। कुल्लू और मंडी के दलों ने आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं, जबकि लाभार्थियों और आम जनता के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में कल्याणकारी योजनाओं, पर्यटन और कृषि–बागवानी क्षेत्र में सुधारों, आर्थिक प्रबंधन और आपदा के बाद पुनर्निर्माण कार्यों का उल्लेख किया गया। सरकार का दावा है कि चुनौतियों के बावजूद विकास की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी। रैली में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, चंदर कुमार और राजेश धर्माणी मौजूद रहे, जबकि मंत्री विक्रमादित्य सिंह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। सांस्कृतिक performances और सम्मान समारोह के साथ पड्डल मैदान उत्साह से भर गया, और रैली प्रदेश सरकार के तीन साल पूरे होने पर एक बड़े जन उत्सव में परिवर्तित हो गई है।



