समाधान भारत शिमला हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य सरकार आगामी महीनों में बिजली और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू करने जा रही है। प्रदेश में 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध करवाने के लिए सरकार एक विस्तृत तंत्र तैयार कर रही है, जिसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यह सुविधा केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिले, जिन्हें इसकी वास्तव में आवश्यकता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पात्र उपभोक्ताओं की पहचान के लिए फील्ड स्तर पर अभियान शुरू किया जा चुका है और विभागों को स्पष्ट दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं। सीएम सुक्खू ने बताया कि उनकी अपील पर प्रदेश के लगभग 30 हजार लोगों ने स्वेच्छा से अपनी बिजली सब्सिडी छोड़ दी है। उनका कहना है कि इस पहल से सरकार पर वित्तीय बोझ घटेगा और सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक सुविधाएँ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकेंगी। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में सरकार बिजली दरों में कमी करने पर भी काम कर रही है, जिससे आम उपभोक्ता को राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के हितों को लेकर भी कई बड़ी घोषणाएँ कीं। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना सम्मान निधि योजना का पहला चरण पहले ही जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में लागू कर दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को आर्थिक सहायता के रूप में सम्मान निधि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य जिलों और क्षेत्रों की पात्र महिलाओं को भी चरणबद्ध तरीके से इस योजना का लाभ मिलेगा। योजना का विस्तार तीन चरणों में किया जाएगा, जिनमें प्रत्येक चरण में पात्र महिलाओं को 1500–1500 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे-जैसे बजट उपलब्ध होगा, इस योजना को पूरे प्रदेश में व्यापक रूप से लागू किया जाएगा।
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कांग्रेस सरकार के हिमाचल में तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिमला में अमर उजाला से विशेष बातचीत में प्रदेश की विकास यात्रा और सरकारी प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रमुख उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करना, ऊर्जा क्षेत्र में सुधार लाना और कमजोर तबकों को आर्थिक सहारा प्रदान करना है। CM सुक्खू के अनुसार, सरकार जनहित से जुड़े कदमों पर तेजी से काम कर रही है और आने वाले वर्षों में इन योजनाओं का प्रभाव हर परिवार तक नजर आएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज प्रदेश ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और जनता के सहयोग से बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि वे सक्षम हैं तो सरकारी सब्सिडी छोड़कर उन परिवारों को आगे बढ़ने का मौका दें, जिन्हें इसकी ज्यादा जरूरत है। सरकार का भरोसा है कि जनसहयोग और पारदर्शिता के आधार पर हिमाचल को एक मजबूत और आत्मनिर्भर राज्य बनाया जा सकता है।



