समाधान भारत शिमला| हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं (सीबीटी) के परिणाम निर्धारण में बड़ा बदलाव करते हुए अब मेरिट जेड स्कोर फॉर्मूले के आधार पर तय करने का निर्णय लिया है। आयोग के अनुसार, यह फॉर्मूला उम्मीदवारों के प्रदर्शन को अधिक सटीक और निष्पक्ष तरीके से आंकने में मदद करेगा। अधिकारियों ने बताया कि इससे उम्मीदवारों के अंक प्रणाली में विविधताओं का संतुलित मूल्यांकन संभव होगा और परिणामों में पारदर्शिता बढ़ेगी। इस फॉर्मूले का उपयोग पहले राजस्थान और मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा भी किया गया था, लेकिन बाद में दोनों ही बोर्डों ने इसे बदलकर इक्विपरसेंटाइल फॉर्मूले को अपनाया था। हिमाचल चयन आयोग ने इसे अपनाने का निर्णय इसलिए किया है क्योंकि जेड स्कोर फॉर्मूला उम्मीदवारों की योग्यता का वास्तविक चित्र पेश करता है और चयन प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक बनाता है। आयोग का कहना है कि इससे केवल अंक ही नहीं बल्कि परीक्षा के कठिनाई स्तर और प्रतिस्पर्धा का भी सही आकलन किया जा सकेगा।
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विशेषज्ञों के अनुसार, जेड स्कोर फॉर्मूला का इस्तेमाल मेरिट सूची में उम्मीदवारों की तुलना एक मानक पैमाने पर करने की सुविधा देता है। इससे उन परीक्षार्थियों को भी उचित स्थान मिल सकेगा, जिनकी परीक्षा कठिन थी और अंक कम होने के बावजूद उनकी योग्यता मजबूत है। आयोग ने उम्मीदवारों और अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे इस नई प्रणाली को समझें और भरोसे के साथ परिणामों की प्रतीक्षा करें। आगामी भर्ती प्रक्रियाओं में इस फॉर्मूले के लागू होने से न केवल चयन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष होगी, बल्कि उम्मीदवारों में भी विश्वास पैदा होगा कि उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है। आयोग ने यह भी कहा कि भविष्य में किसी भी बदलाव या सुधार की आवश्यकता पड़ने पर इसे समय पर लागू किया जाएगा, ताकि भर्ती प्रक्रिया में गुणवत्ता और न्याय सुनिश्चित किया जा सके।



