समाधान भारत शिमला। हिमाचल प्रदेश में निगम–बोर्डों में ताजपोशी का दौर शुरू हो गया है। राज्य सरकार अब तक 30 निगम-बोर्डों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नियुक्त कर चुकी है, जबकि करीब 18 पदों पर अभी तैनाती बाकी है। इन नियुक्तियों को लेकर कांग्रेस विधायकों और पदाधिकारियों में हलचल बढ़ गई है। कई नेता मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मंत्रियों और पार्टी हाईकमान के दरबार में पैरवी करने में जुटे हैं। हाल ही में कांग्रेस ने अपने नए प्रदेशाध्यक्ष को ताज पहनाया है, ऐसे में पदाधिकारी यहां भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
यह भी पढ़े:-हिमाचल में पुरुषों में एचआईवी संक्रमण दर अधिक; 6,490 मरीज, कांगड़ा में सर्वाधिक मामले।
मुख्यमंत्री सुक्खू पहले ही साफ कर चुके हैं कि पार्टी में लंबे समय से सेवा दे रहे कार्यकर्ताओं को ही प्राथमिकता दी जाएगी। जिन लोगों को अब तक जिम्मेदारियां मिली हैं, वे पार्टी के सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं। भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी करीब 45 पदाधिकारियों को निगम-बोर्डों में नियुक्तियां मिली थीं। हालांकि कांग्रेस सरकार 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज तले दबी है और मुख्यमंत्री बार-बार प्रदेश को कर्जमुक्त करने की बात करते रहे हैं।



