समाधान भारत:शिमला| हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन सोमवार को दोपहर दो बजे शुरू होगा। दो से तीन बजे तक प्रश्नकाल निर्धारित है। प्रश्नकाल के बाद एक स्वीकृत विधेयक और दो नए संशोधन विधेयक सदन के पटल पर रखे जाएंगे। आठ दिन का यह शीतकालीन सत्र 26 नवंबर से शुरू हुआ था और 5 दिसंबर तक चलेगा। शनिवार और रविवार के अवकाश के बाद फिर से शुरू हो रही कार्यवाही के हंगामेदार रहने की संभावना है। दोनों राजनीतिक दल बैठक शुरू होने से पहले अपनी-अपनी रणनीति तैयार करेंगे। यदि प्रश्नकाल सामान्य रूप से चलता है, तो कई मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेर सकता है। वहीं, यदि विपक्ष किसी अन्य विषय पर हंगामा करता है, तो सदन में एक बार फिर गतिरोध की स्थिति बन सकती है। सोमवार को सदन में हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों की भर्ती एवं सेवा शर्तें संशोधन विधेयक 2025 और भू-संपदा विनियमन एवं विकास संशोधन विधेयक 2025 पेश किए जाएंगे।
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पहला विधेयक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और दूसरा नगर एवं ग्राम योजना मंत्री राजेश धर्माणी सदन के सामने रखेंगे। साथ ही हिमाचल प्रदेश लोक परीक्षा विधेयक 2025, जिसे राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है, वह भी पटल पर रखा जाएगा। प्रश्नकाल की शुरुआत पंचायतों को जारी फंड के मुद्दे से होगी, जिसे भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार उठाएंगे। परमार प्रदेश और केंद्र सरकार द्वारा पंचायतों को जारी किए जा रहे फंड पर सरकार से सवाल करेंगे। इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच नोकझोंक की पूरी संभावना है। पंचायत चुनाव देरी से करवाने का मुद्दा पहले ही दोनों पक्षों में विवाद का कारण बना हुआ है, जिस पर स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से दो दिनों तक चर्चा भी हो चुकी है। इसके अलावा भाजपा विधायक तबादला नीति, विभिन्न मामलों की जांच, स्वास्थ्य, शिक्षा और रिक्तियों से जुड़े मुद्दे भी उठाएंगे, जिनके सदन में गूंजने की पूरी उम्मीद है।



